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10 दिवसीय निःशुल्क मशरूम खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ

By Team Lohardaga live

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प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथि व प्रशिक्षणार्थी

आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बैंक ऑफ इंडिया ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा प्रशिक्षण की शुरुआत, विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित

लोहरदगा। बैंक ऑफ इंडिया ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), द्वारा 10 दिवसीय निःशुल्क मशरूम खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। उद्घाटन समारोह में जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) के महाप्रबंधक रघुवर सिंह, बैंक ऑफ इंडिया लोहरदगा के मुख्य प्रबंधक सत्यनारायण रजक, बैंक ऑफ इंडिया रांची अंचल की वित्तीय समावेशन प्रमुख आभा रानी सिंह, जेएसएलपीएस जिला प्रबंधक विपिन चंद्र, बीपीएम पेशरार विजय कुमार एवं आरसेटी निदेशक सुरेश भगत उपस्थित रहे।

इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक रघुवर सिंह ने कहा कि मशरूम की खेती आज किसानों के लिए आय का एक सशक्त एवं लाभकारी माध्यम बन चुकी है। कम लागत में अधिक लाभ देने वाली यह खेती ग्रामीण युवाओं और किसानों के लिए रोजगार का बेहतर अवसर प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान मशरूम उत्पादन से जुड़ी तकनीकी एवं व्यवहारिक जानकारी दी जाएगी, साथ ही जिला उद्योग केंद्र द्वारा संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की भी जानकारी दी जाएगी।

बैंक ऑफ इंडिया रांची अंचल की वित्तीय समावेशन प्रमुख आभा रानी सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद योग्य एवं इच्छुक प्रशिक्षुओं को बैंक के माध्यम से आवश्यकता अनुसार वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।

बैंक ऑफ इंडिया लोहरदगा के मुख्य प्रबंधक सत्यनारायण रजक ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मशरूम जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ के उत्पादन से न केवल आय में वृद्धि होती है, बल्कि स्वास्थ्य लाभ भी सुनिश्चित होता है। उन्होंने बैंक की विभिन्न ऋण एवं स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी भी दी।

जेएसएलपीएस जिला प्रबंधक बिपिन चंद्र ने कहा कि आरसेटी से प्रशिक्षण प्राप्त कर जेएसएलपीएस से जुड़ी कई दीदियां आज सफलतापूर्वक स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्र के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से मन लगाकर प्रशिक्षण प्राप्त करने की अपील की।

आरसेटी निदेशक सुरेश भगत ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान की गतिविधियों और सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में आरसेटी द्वारा वाणिज्यिक बागवानी, ब्यूटी पार्लर, घरेलू विद्युत उपकरण मरम्मत, दोपहिया वाहन मरम्मत सहित अन्य स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसके लिए आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में आरसेटी के संकाय सदस्य राजीव कुमार सहित अन्य प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।