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भंडरा की 20 ग्रामीण महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर, सॉफ्ट टॉय निर्माण से स्वरोजगार की ओर कदम

By Team Lohardaga live

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अरसेटी के अधिकारी व प्रशिक्षणार्थी

बैंक ऑफ इंडिया आरसेटी लोहरदगा द्वारा 14 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन, प्रमाण-पत्र वितरित

लोहरदगा। बैंक ऑफ इंडिया ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), लोहरदगा द्वारा आयोजित 14 दिवसीय “सॉफ्ट टॉय मेकिंग एंड सेलिंग” प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम के अंतर्गत भंडरा प्रखंड की 20 ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को व्यावसायिक कौशल से सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर एवं उद्यमी बनाना है, ताकि वे स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें।

समापन समारोह को संबोधित करते हुए आरसेटी निदेशक सुरेश भगत ने कहा कि संस्थान से प्रशिक्षित महिलाओं को अगले दो वर्षों तक सतत तकनीकी एवं व्यावसायिक मार्गदर्शन दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर बैंकों के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में भी सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से महिलाओं में न केवल तकनीकी दक्षता आई है, बल्कि आत्मविश्वास और स्वरोजगार की भावना भी विकसित हुई है।

इस अवसर पर जेएसएलपीएस के जिला प्रबंधक (कौशल) विपिन चंद्र ने प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्तमान समय में सॉफ्ट टॉय निर्माण के क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने महिलाओं से अपने सीखे हुए कौशल का उपयोग कर शीघ्र स्वरोजगार प्रारंभ करने का आह्वान किया।

प्रशिक्षण अवधि के दौरान महिलाओं को विभिन्न प्रकार के सॉफ्ट टॉय बनाने के साथ-साथ उद्यमिता विकास, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता, बैंकिंग फ्रॉड से बचाव, बाजार प्रबंधन, जोखिम एवं समय प्रबंधन तथा व्यावसायिक खेलों के माध्यम से व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का संचालन चतरा जिले से आई प्रशिक्षिका अनीता राणा द्वारा किया गया।

प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के बाद प्रशिक्षित महिलाओं ने बताया कि वे जल्द ही सॉफ्ट टॉय निर्माण का व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएंगी।

कार्यक्रम में कार्यक्रम समन्वयक राजीव कुमार सहित संस्थान के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। आरसेटी लोहरदगा द्वारा ग्रामीणों को सशक्त बनाने और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आगामी दिनों में वाणिज्यिक बागवानी, ब्यूटी पार्लर, मधुमक्खी पालन, कृषि उद्यमिता, घरेलू विद्युत उपकरण मरम्मत एवं दोपहिया वाहन मरम्मत जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं।