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एसआईआर में मतदाता सूची से नाम हटाने का आरोप, पेंशनर समाज ने जताया विरोध

By Team orangehindi

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एसआईआर में मतदाता सूची से नाम हटाने का आरोप, पेंशनर समाज ने जताया विरोध

दावा-आपत्ति के बाद अंतिम निर्णय की समय-सीमा स्पष्ट करने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की मांग

लोहरदगा। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के आरोप को लेकर झारखंड राज्य पेंशनर समाज, जिला शाखा लोहरदगा ने विरोध जताया। संगठन की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि त्रुटियों के सुधार के नाम पर यदि पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाते हैं, तो इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर लोगों में चिंता पैदा होती है।

बैठक में वक्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया में दावा-आपत्ति और सुनवाई के बाद अंतिम निर्णय लिए जाने की समय-सीमा स्पष्ट नहीं होने से मतदाताओं के समक्ष नई परेशानी उत्पन्न हो रही है। पेंशनर समाज ने इसे लेकर प्रधानमंत्री के समक्ष मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने का प्रस्ताव रखने की बात कही।

निर्वाचन आयोग के अनुसार एसआईआर का उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल रखना और अपात्र नामों को हटाना है। आयोग की व्यवस्था में मतदाताओं को दावे-आपत्तियां दर्ज कराने तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपील का अवसर भी दिया जाता है।

बैठक की अध्यक्षता सजीत कुमार लकड़ा ने की। मौके पर महेश कुमार सिंह, किसुन दास, मो. जफर आलम, वरदानी बेक, जयगोविन्द साहू, घुरती उरांव, फूलदेव उरांव, बीला देवी, मार्टिन लूथर, रासन टोप्पो, शांति देवी, सुशीला देवी, तारामनी देवी सहित बड़ी संख्या में पेंशनर उपस्थित थे।

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