ईडी-सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप, सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
By Team Lohardaga live

कहा- विपक्ष को कमजोर कर एक-दलीय व्यवस्था की ओर देश को ले जाने की हो रही कोशिश, लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
लोहरदगा। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र की भाजपा सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी दलों को कमजोर करने और देश को एक-दलीय व्यवस्था की ओर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रतिनिधिमंडल द्वारा निर्वाचन आयोग से मुलाकात के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए सुखदेव भगत ने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 के बाद से विपक्षी नेताओं पर केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से राजनीतिक दबाव बनाने की प्रवृत्ति बढ़ी है। उन्होंने कहा कि ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का उपयोग निष्पक्ष जांच के बजाय राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है।
सांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा पहले चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास करती है और बाद में विपक्षी दलों के जनप्रतिनिधियों को अपने पक्ष में लाकर जनादेश को कमजोर करती है। उन्होंने दावा किया कि कई नेता विचारधारा के बजाय राजनीतिक दबाव या अन्य कारणों से दल बदलने को मजबूर होते हैं।
सुखदेव भगत ने कहा कि पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और बिहार सहित कई राज्यों में विपक्षी दलों को कमजोर करने की राजनीति दिखाई दे रही है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उनका कहना था कि यदि यही स्थिति जारी रही तो स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा और मजबूत विपक्ष की भूमिका प्रभावित होगी।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वतंत्र संवैधानिक संस्थाओं, निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया और सशक्त विपक्ष पर भी आधारित होता है। यदि इन संस्थाओं का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग किया जाएगा और विपक्ष की आवाज दबाई जाएगी, तो यह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं होगा।
उल्लेखनीय है कि ये आरोप कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत द्वारा लगाए गए हैं। केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियां पूर्व में ऐसे आरोपों से इनकार करती रही हैं तथा उनका कहना रहा है कि जांच एजेंसियां कानून के अनुसार स्वतंत्र रूप से कार्य करती हैं।
