हिंडाल्को सीएसआर के सहयोग से सेरेंगदाग समेत कई गांवों में विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत जागरूकता सत्र आयोजित
By Team orange hindi

लोहरदगा। विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर हिंडाल्को सीएसआर एवं हंस फाउंडेशन के सहयोग से लोहरदगा जिले के विभिन्न गांवों में स्तनपान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य टीम के नेतृत्वकर्ता डॉ. पौरुष की अगुवाई में ग्राम तुईमू एवं सेरेंगदाग समेत अन्य क्षेत्रों में महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन लगातार जारी है। 3 एवं 4 अगस्त को आयोजित कार्यक्रमों के बाद 5 अगस्त को भी लोहरदगा सदर एवं किस्को प्रखंड के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों में व्यापक स्तर पर स्तनपान जागरूकता सत्र आयोजित किए गए।
जागरूकता सत्र के दौरान गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को स्तनपान की सही तकनीक, शिशु को सही स्थिति में स्तनपान कराने, उचित लगाव जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करने के महत्व तथा छह माह तक केवल मां का दूध देने की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी गई। महिलाओं को बताया गया कि छह माह के बाद शिशु को पूरक आहार देने के साथ दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखा जा सकता है। इस दौरान माताओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए स्तनपान से मां और शिशु दोनों को होने वाले स्वास्थ्य लाभों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
लोहरदगा सदर प्रखंड के जोरी पंचायत स्थित जोरी उप-केंद्र में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के साथ सहिया, सीएचओ एवं आंगनवाड़ी सेविका की मौजूदगी में जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इसके बाद हरमू में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं को स्तनपान से संबंधित जरूरी जानकारी दी गई।
इसी क्रम में हिंडाल्को सीएसआर टीम के सहयोग एवं पीसीआई इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में किस्को प्रखंड के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों में भी जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। परहेपाट पंचायत के होंदगा, खरकी पंचायत के छेछरा नवाडीह, कोचा के बरनाग, बगरू पंचायत के केंद्र एवं करम टोली, देवदरिया के लावादाग, पाखर पंचायत के काशीटार, हिसरी पंचायत के जोगियारा, बेटहट पंचायत के हेसापीढ़ी तथा पेशरार के दुग्गू में समुदाय के साथ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रमों में स्वास्थ्यकर्मियों, हिंडाल्को सीएसआर कर्मियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सेविकाओं, सहियाओं, एएनएम, स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं ने भाग लिया। जागरूकता सत्रों का उद्देश्य महिलाओं को स्तनपान के वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्य संबंधी लाभों की जानकारी देना, सही स्तनपान व्यवहार को बढ़ावा देना तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए समुदाय में जागरूकता बढ़ाना रहा।