सेवन स्टार्स एकेडेमी में राष्ट्रीय जनजाति दिवस पर जागरूकता पदयात्रा आयोजित
By Teem Lohardaga live

राँची। राष्ट्रीय जनजाति दिवस के अवसर पर हेहल स्थित सेवन स्टार्स एकेडेमी, मंडप टोली में गुरुवार को विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर से छात्रों की एक जागरूकता पदयात्रा निकाली गई, जिसने आसपास के क्षेत्रों में जन-जागरूकता का संदेश फैलाया। विद्यार्थियों ने पदयात्रा के दौरान जनजातीय समाज की गौरवशाली संस्कृति, परंपराओं और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को सम्मानपूर्वक याद किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा निकाली गई यह पदयात्रा रही, जिसमें विद्यार्थियों ने भगवान बिरसा मुंडा जी के अदम्य साहस, संघर्ष और बलिदान को नमन करते हुए उनके पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया। पूरे जोश और उत्साह के साथ बच्चों ने कई प्रेरक नारे लगाए—“जोहार बिरसा मुंडा!”, “अलग जान, अलग पहचान – आदिवासी संस्कृति महान!”, “धरती आबा के सपनों को हम सब मिलकर पूरा करेंगे!”।
पदयात्रा के दौरान छात्रों ने अन्य जनजातीय वीर स्वतंत्रता सेनानियों सिद्धू-कान्हू, चाँद-भैरो, फूलो-झानो, नीलाम्बर-पीताम्बर, वीर बिद्धू भगत, जतरा टाना भगत और तिलका मांझी के जयघोष भी लगाए। पूरे वातावरण में “तिलका मांझी अमर रहें!”, “सिद्धू-कान्हू अमर रहें!”, और “फूलो-झानो की वीर गाथा हम सबको प्रेरणा देती!” जैसे नारों की गूंज सुनाई दी।
विद्यालय निदेशक डॉ. बिन्देश्वर बेक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनजाति दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि यह हमारी पहचान, इतिहास और पूर्वजों के प्रति सम्मान का दिन है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने और अपनी संस्कृति पर गर्व करने की प्रेरणा दी है। डॉ. बेक ने कहा कि बच्चों की यह पदयात्रा समाज में जन-जागरूकता फैलाने और नई पीढ़ी को अपने इतिहास से जोड़ने का सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि सेवन स्टार्स एकेडेमी विद्यार्थियों में संस्कार, जागरूकता और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए सतत प्रयत्नशील है।
विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने भी छात्रों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में अपने इतिहास, संस्कृति और महापुरुषों के प्रति सम्मान और प्रेरणा का भाव जगाते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिसर में भगवान बिरसा मुंडा जी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों को उनके जीवन, संघर्ष और विचारों से परिचित कराया गया। कार्यक्रम देश की जनजातीय परंपराओं के गौरव और एकता के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
