विकास की राह देख रहा बिटपी पतरा टोली, 80 आदिवासी परिवार आज भी बुनियादी सुविधाओं से दूर
By Team orangehindi

बारिश में पगडंडियां बन जाती हैं दलदल, सरना स्थल की घेराबंदी और अखड़ा भवन का भी इंतजार
भंडरा, लोहरदगा। जमगाई पंचायत के बिटपी पतरा टोली में विकास की तस्वीर सरकारी दावों से अलग नजर आती है। यहां रहने वाले करीब 70 से 80 आदिवासी उरांव परिवार आज भी सड़क, नाली, सिंचाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क है, लेकिन टोली के भीतर सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। आवागमन के लिए ग्रामीणों को पगडंडियों का सहारा लेना पड़ता है।
बारिश के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण घरों के आसपास पानी और कीचड़ जमा हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, इससे बच्चों को स्कूल जाने समेत रोजमर्रा के कामों में परेशानी होती है।
सरना स्थल भी सुविधाओं से वंचित
टोली का सरना स्थल भी अब तक चहारदीवारी के इंतजार में है। ग्रामीणों के सामुदायिक कार्यक्रम और बैठकों के लिए अखड़ा भवन की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। खेती पर निर्भर ग्रामीण सिंचाई व्यवस्था नहीं होने के कारण मानसून पर आश्रित हैं।
ग्रामीण शनि उरांव, बंधनु उरांव, मंगरा उरांव, पिंटू उरांव, रवि उरांव, बिरसा और सुका उरांव ने बताया कि समस्याओं को लेकर प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक कई बार मांग रखी गई, लेकिन अब तक ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों ने उपायुक्त से टोली का निरीक्षण कर सड़क, नाली, सिंचाई व्यवस्था, सरना स्थल की घेराबंदी और अखड़ा भवन की मांग पर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है