रक्तदान जागरूकता से छात्राओं में मानव सेवा का संकल्प, स्वास्थ्य जांच शिविर में हुई हीमोग्लोबिन सहित विभिन्न जांच
By Team Lohardaga live

इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने महिला इंटर कॉलेज में आयोजित की कार्यशाला, विशेषज्ञों ने दूर की रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियां

लोहरदगा। मानव जीवन में रक्तदान के महत्व और स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, लोहरदगा इकाई की ओर से मधुसूदन लाल अग्रवाल महिला इंटर कॉलेज में रक्त जांच शिविर सह रक्तदाता जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. गणेश प्रसाद ने की।
"मानवता की एक बूंद, रक्तदान करें-जीवन बचाएं" विषय पर आयोजित कार्यशाला में छात्राओं को रक्तदान की आवश्यकता, रक्त की कमी से होने वाली समस्याएं, स्वैच्छिक रक्तदान के सामाजिक महत्व तथा इससे जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी दी गई। साथ ही आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर में छात्राओं के हीमोग्लोबिन सहित विभिन्न स्वास्थ्य मानकों की जांच की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. गणेश प्रसाद ने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है, क्योंकि मानव रक्त का आज तक कोई कृत्रिम विकल्प विकसित नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना, प्रसव, थैलेसीमिया, कैंसर एवं गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए समय पर रक्त मिलना जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित होता है। उन्होंने छात्राओं से भविष्य में स्वैच्छिक रक्तदाता बनने तथा अपने परिवार और समाज को भी इस दिशा में प्रेरित करने की अपील की।
रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव अरुण राम ने कहा कि युवा वर्ग समाज में बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने की जरूरत बताते हुए कहा कि वैज्ञानिक तरीके से किया गया रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित होता है और इससे स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने बताया कि रेड क्रॉस सोसाइटी लगातार जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से मानव सेवा की भावना को मजबूत करने का कार्य कर रही है।
कार्य समिति सदस्य संजय बर्मन ने क्षेत्रीय भाषा में छात्राओं को संबोधित करते हुए रक्तदान को मानवता की सर्वोच्च सेवा बताया। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद के लिए नया जीवन लेकर आता है। उन्होंने छात्राओं से संतुलित आहार अपनाने, स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा भविष्य में स्वैच्छिक रक्तदाता बनने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. स्नेह कुमार ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय संवेदनाओं का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं में सेवा, सहयोग और परोपकार की भावना को मजबूत करते हैं।
सोसाइटी के कोषाध्यक्ष राहुल कुमार ने नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही समय आने पर रक्तदान कर समाज के प्रति अपना दायित्व निभा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने रक्तदान एवं स्वास्थ्य से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया। छात्राओं ने अपने परिवार एवं समाज में रक्तदान के प्रति सकारात्मक संदेश फैलाने और भविष्य में स्वैच्छिक रक्तदाता बनने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर टेक्नीशियन नवीन कुमार, शिवेंद्र कुमार, सोसाइटी के सदस्य ओमप्रकाश कसेरा, रंजीत साहू, महाविद्यालय की गीता कुमारी, ब्रजकिशोर बड़ाईक, अवध किशोर मिश्रा, नीति भारती, शशि कुमारी सहित रेड क्रॉस सोसाइटी के सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
