गांधीवादी विरोध को कानून उल्लंघन बताना लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय: सुखदेव भगत
By Team orangehindi

संविधान की रक्षा और व्यवस्था परिवर्तन के लिए संघर्ष कर रही कांग्रेस, केंद्र सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
लोहरदगा। लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार लोकतांत्रिक विरोध को भी कानून उल्लंघन के नजरिए से देख रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से जनता की आवाज उठा रही है, लेकिन सरकार विरोध करने वालों को कानून तोड़ने वाला मान रही है।
सांसद भगत ने महात्मा गांधी के आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अंग्रेजों ने भी गांधीजी के आंदोलनों को दबाने के लिए गिरफ्तारियां कीं और उन्हें कानून तोड़ने वाला माना। उन्होंने कहा कि आज भी जब कोई आंदोलन स्थापित व्यवस्था के विरुद्ध अपनी असहमति दर्ज कराता है, तो उसे विरोध का सामना करना पड़ता है। हालांकि, लोकतंत्र में असहमति और शांतिपूर्ण विरोध को अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है।
भगत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा गांधीवादी और संवैधानिक तरीके से जनता के मुद्दों को उठाती रही है। उनके अनुसार, हर विरोध को देशद्रोह या कानून उल्लंघन के नजरिए से देखना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का उद्देश्य केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार और संविधान की रक्षा करना है। सांसद ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि सरकार असहमति के स्वर को सुने और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान करे।