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छठ महापर्व: आस्था, अनुशासन और प्रकृति का उत्सव

By Team Lohardaga live

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छठव्रती

भारत की सांस्कृतिक परंपराओं में छठ महापर्व का स्थान अनोखा है। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन के संतुलन, पर्यावरण के सम्मान और आत्मशुद्धि का संदेश देने वाला पर्व है। छठ पूजा की शुरुआत सूर्यदेव और छठी मैया की उपासना से होती है, जिनके प्रति श्रद्धा और आस्था का भाव सदियों से लोकजीवन में रचा-बसा है।

लोकआस्था की अमिट पहचान

चार दिन चलने वाला यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से आरंभ होकर सप्तमी तक मनाया जाता है। नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य, इन चार चरणों में व्रती उपवास, स्नान, और कठोर नियमों का पालन करते हैं। बिना नमक का भोजन, नदी या तालाब में खड़े होकर जल में अर्घ्य देना, और बिना किसी भव्यता के सादगी से पूजा करना, यह सब इस पर्व की पवित्रता को और भी बढ़ा देता है।

प्रकृति के प्रति कृतज्ञता

छठ केवल सूर्य की उपासना नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के सभी तत्वों के प्रति धन्यवाद का पर्व है। जल, वायु, अग्नि, भूमि और आकाश, इन पांच तत्वों के समन्वय से जीवन चलता है, और छठ व्रत इन सभी के प्रति आभार व्यक्त करने का माध्यम बनता है। इसीलिए छठ घाटों की सफाई, नदी-तालाबों की पवित्रता, और सूर्यास्त-सूर्योदय के समय की शांति, सब इस उत्सव को पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाते हैं।

महिलाओं की शक्ति और समर्पण का प्रतीक

छठ महापर्व महिलाओं की दृढ़ता, अनुशासन और श्रद्धा का अद्भुत उदाहरण है। व्रती महिलाएं (और पुरुष भी) पूरे समर्पण के साथ उपवास करती हैं, परिवार और समाज की खुशहाली के लिए प्रार्थना करती हैं। यह पर्व स्त्री-शक्ति के उस रूप को सामने लाता है जिसमें सहनशीलता के साथ-साथ आध्यात्मिक शक्ति का संगम दिखता है।

भक्ति में लोकसंगीत और संस्कृति की मिठास

छठ के गीतों की अपनी अनोखी मिठास है, "केलवा जे फरेला घवद से..." या "उठो हे सूरज देव, अरघ पावे के बेर भइल" जैसे लोकगीत हर घाट पर गूंजते हैं। ये गीत केवल पूजा का हिस्सा नहीं, बल्कि लोकसंस्कृति की आत्मा हैं, जो पीढ़ी दर पीढ़ी इस परंपरा को जीवित रखे हुए हैं।

समापन: एक संदेश

छठ महापर्व हमें सिखाता है कि आस्था तभी सार्थक है जब उसमें अनुशासन, सादगी और पर्यावरण के प्रति सम्मान जुड़ा हो। आधुनिक युग की भागदौड़ में यह पर्व हमें ठहरकर प्रकृति, परिवार और आत्मा के प्रति कृतज्ञ होने की प्रेरणा देता है।