हसदेव के तारा कोल ब्लॉक पर कांग्रेस का केंद्र पर वार, सुखदेव भगत बोले—‘छत्तीसगढ़ के साथ धोखा’
By Team orangehindi

विधानसभा के प्रस्ताव और आदिवासी संघर्ष की अनदेखी का लगाया आरोप, पर्यावरणीय नुकसान पर उठाए सवाल
लोहरदगा। हसदेव-अरण्य क्षेत्र के तारा कोल ब्लॉक की हालिया नीलामी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी एवं लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश के ‘एक्स’ पर जारी बयान को साझा करते हुए नीलामी को ‘मोदानी मॉडल’ का नया उदाहरण बताया।
सुखदेव भगत ने आरोप लगाया कि तारा कोल ब्लॉक की नीलामी ऐसे समय में हुई है, जब छत्तीसगढ़ विधानसभा ने 26 जुलाई 2022 को सर्वसम्मति से हसदेव क्षेत्र में नए कोल ब्लॉक आवंटित नहीं करने का प्रस्ताव पारित किया था। उन्होंने यह भी कहा कि 16 जुलाई 2023 को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर हसदेव में नई खदान की आवश्यकता नहीं होने की बात कही थी। कांग्रेस के अनुसार, 19 अक्टूबर 2023 को केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने तारा समेत 40 कोल ब्लॉकों को डीनोटिफाई किया था।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, तारा ब्लॉक करीब 5,000 एकड़ क्षेत्र में फैला है, जिसमें 4,000 एकड़ से अधिक वन क्षेत्र बताया जाता है। पार्टी ने दावा किया कि खनन शुरू होने की स्थिति में बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई और हाथियों के आवागमन वाले क्षेत्र पर असर पड़ सकता है।
सांसद भगत ने कहा कि हसदेव-अरण्य छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक और सामाजिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा के सर्वसम्मत प्रस्ताव और आदिवासी समुदाय के लंबे संघर्ष की अनदेखी कर केंद्र सरकार ने क्षेत्र को खनन के लिए आगे बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस हसदेव के आदिवासी समुदाय और ग्राम सभाओं के साथ खड़ी है। भगत ने पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि जंगल और वन्यजीव क्षेत्र को नुकसान पहुंचाकर होने वाले विकास के मॉडल पर गंभीरता से विचार जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से तारा कोल ब्लॉक की नीलामी और उससे जुड़े पर्यावरणीय प्रभावों पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।