मनरेगा के नाम परिवर्तन के विरोध में कांग्रेस का उपवास, गांधी प्रतिमा के समक्ष जताया विरोध
By Team Lohardaga live

केंद्र सरकार पर गरीबों के अधिकार कमजोर करने का आरोप, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
लोहरदगा। नगर परिषद कार्यालय परिसर में स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष रविवार को कांग्रेस पार्टी ने एकदिवसीय उपवास कार्यक्रम आयोजित कर मनरेगा योजना के नाम बदले जाने का विरोध किया। कार्यक्रम की अगुवाई जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखेर भगत ने की। इस अवसर पर लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत की उपस्थिति रही।
उपवास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि मनरेगा देश की उन गिनी-चुनी योजनाओं में से है, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी देकर गरीब, मजदूर और किसान वर्ग को आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि योजना का नाम बदलना महज औपचारिक बदलाव नहीं, बल्कि इसके पीछे गरीबों के अधिकारों को कमजोर करने और कांग्रेस की नीतियों को मिटाने की मंशा है। कांग्रेस इस कदम का हर स्तर पर विरोध करेगी।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखेर भगत ने कहा कि मनरेगा ने करोड़ों परिवारों को आर्थिक संबल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार योजनाओं के नाम बदलकर उपलब्धियों का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर रोजगार के अवसर लगातार घट रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस लोकतांत्रिक और अहिंसक तरीके से जनता के हक की लड़ाई जारी रखेगी।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गांधीजी के विचारों को स्मरण करते हुए सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। उपवास के माध्यम से केंद्र सरकार से मनरेगा का नाम यथावत रखने और योजना को और सशक्त बनाने की मांग की गई।
इस मौके पर सांसद प्रतिनिधि शाहिद अहमद चंगू, आलोक साहू, मुजम्मिल अंसारी, मोहन दुबे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर मनरेगा के नाम परिवर्तन के खिलाफ आंदोलन को और व्यापक रूप देने की बात कही।
