डालसा ने विभिन्न विद्यालयों में मनाया विश्व मानवाधिकार दिवस, छात्रों को दिए मूलभूत अधिकारों की जानकारी
By Team Lohardaga live

विभिन्न स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित, मानवाधिकारों के महत्व पर हुई चर्चा
लोहरदगा। झालसा रांची के निर्देशानुसार तथा पीडेजे-सह-डालसा अध्यक्ष राजकमल मिश्रा और डालसा सचिव राजेश कुमार के मार्गदर्शन में बुधवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों में विश्व मानवाधिकार दिवस मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को मानवाधिकारों तथा मूलभूत अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बताया गया कि मानवाधिकारों के विरुद्ध होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना और न्याय की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है।
गुरुकुल शांति आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में पीएलवी गौतम लेनिन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को जन्म से ही मूलभूत अधिकार प्राप्त हैं, जिनमें स्वतंत्रता, जीवन, शिक्षा तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि विश्व मानवाधिकार दिवस मनाने का उद्देश्य मानवाधिकारों की रक्षा और जागरूकता फैलाना है। इस दिन का इतिहास बताते हुए कहा गया कि 10 दिसंबर 1948 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा को स्वीकार किया था, जिसमें कुल 30 अनुच्छेद शामिल हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित झारखंड प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त पदाधिकारी बालकिशोर शाहदेव ने बच्चों को मानवाधिकारों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विश्व मानवाधिकार दिवस हर वर्ष 10 दिसंबर को मनाया जाता है और इसका उद्देश्य समानता, स्वतंत्रता तथा मानव गरिमा को सुदृढ़ करना है। साथ ही मानवाधिकार उल्लंघन, भेदभाव और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज बुलंद करना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है। विद्यार्थियों को सार्वभौमिक मानवाधिकार घोषणा के प्रमुख अधिकारों जैसे जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार, भेदभाव से मुक्ति, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शिक्षा तथा स्वास्थ्य के अधिकार के बारे में भी बताया गया। उन्होंने वर्ष 2024 की थीम ‘हमारे अधिकार, हमारा भविष्य, अभी’ पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों के बीच शिक्षण सामग्री का वितरण किया गया। उपस्थित वक्ताओं ने विद्यार्थियों से अपील की कि मानवाधिकार केवल दस्तावेजों तक सीमित न रहकर व्यवहार में उतरें और हर व्यक्ति के जीवन में लागू हों, तभी इसका वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा।
