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विधिक सहायता व्यवस्था पर डालसा की पैनी नजर, सचिव ने केंद्रों का किया औचक निरीक्षण

By Team Lohardaga live

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विधिक सहायता व्यवस्था पर डालसा की पैनी नजर, सचिव ने केंद्रों का किया औचक निरीक्षण

ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने और पात्र लोगों तक समय पर निःशुल्क कानूनी सहायता पहुंचाने के दिए निर्देश

लोहरदगा। जिले में आम नागरिकों तक निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने विधिक सहायता केंद्रों की कार्यप्रणाली की समीक्षा शुरू कर दी है। इसी क्रम में डालसा सचिव मनोरंजन कुमार ने जिले के विभिन्न विधिक सहायता केंद्रों का औचक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सेवाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

यह निरीक्षण झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देश तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार राजकमल मिश्रा के मार्गदर्शन में किया गया। निरीक्षण के दौरान सचिव ने केंद्रों में अभिलेखों के रखरखाव, लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क कानूनी सहायता तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी कार्यालयों में अपने कार्य से पहुंचे लोगों से भी बातचीत की और यह जानने का प्रयास किया कि विधिक सहायता केंद्रों के माध्यम से उन्हें किस प्रकार की जानकारी और सहयोग मिल रहा है। उन्होंने केंद्रों पर कार्यरत पारा विधिक स्वयंसेवकों को निर्देश दिया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि जरूरतमंद और पात्र लोगों तक निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी समय पर पहुंच सके।

सचिव मनोरंजन कुमार ने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता योजनाओं के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को समय पर निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने अधिकारियों और पारा विधिक स्वयंसेवकों को निर्देशित किया कि स्कूलों, पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित रूप से विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग कानूनी सेवाओं से जुड़ सकें। साथ ही केंद्रों के कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने पर भी विशेष बल दिया।

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