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आदिवासी महिला के गैर-आदिवासी से विवाह पर एसटी अधिकारों को लेकर स्पष्ट कानून की मांग

By Team orangehindi

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आदिवासी महिला के गैर-आदिवासी से विवाह पर एसटी अधिकारों को लेकर स्पष्ट कानून की मांग

जनगणना में अलग ट्राइबल कॉलम बहाल करने की भी उठी आवाज, परिसीमन को लेकर जागरूक रहने की अपील

लोहरदगा। आदिवासी समाज की पहचान, संवैधानिक अधिकार और धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दों को लेकर आदिवासी समन्वय समिति लोहरदगा ने सोमवार को पावरगंज चौक स्थित होटल केतकी पैलेस में प्रेस वार्ता की। समिति अध्यक्ष अरविंद उरांव ने आदिवासी महिला के गैर-आदिवासी पुरुष से विवाह की स्थिति में अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र और उससे जुड़े संवैधानिक लाभों की पात्रता को लेकर स्पष्ट कानूनी प्रावधान बनाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण पत्र और एसटी अधिकारों से संबंधित मामलों में स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं होने से कई स्तरों पर भ्रम की स्थिति बनती है। समिति ने शादी के बाद महिलाओं के जाति प्रमाण पत्र से जुड़े प्रावधानों को भी स्पष्ट करने की मांग सरकार से की।

जनगणना में ट्राइबल कॉलम की मांग

समिति ने आगामी जनगणना में आदिवासी आस्था और पहचान के लिए अलग ट्राइबल कॉलम शामिल करने की मांग की। अरविंद उरांव ने कहा कि देश में विभिन्न जनगणनाओं के दौरान आदिवासी समुदायों की पहचान के लिए अलग-अलग श्रेणियों का उल्लेख किया जाता रहा है। समिति ने सरना, गोंडी, डोनी पोलो, बाथव, सनामाही, सारी, बिदिन, भीली और पुनेम जैसी पारंपरिक आस्थाओं के लिए स्पष्ट विकल्प उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि आदिवासी समुदायों की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का बेहतर दस्तावेजीकरण हो सके।

परिसीमन पर नजर रखने की अपील

प्रेस वार्ता में परिसीमन के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। समिति ने कहा कि इस संबंध में किसी आधिकारिक नोटिफिकेशन के अभाव में समाज के लोगों को अफवाहों से बचते हुए संबंधित आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए। आदिवासी धर्म समन्वय समिति भारत के सह संयोजक राजकुमार कुंजाम ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान भाषा, संस्कृति, परंपरा और आस्था से भी जुड़ी है। उन्होंने संवैधानिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर समाज को लोकतांत्रिक तरीके से जागरूक रहने की अपील की।

समिति ने बताया कि 31 अक्टूबर को आगे की रणनीति तय की जाएगी। वहीं 24 नवंबर को मध्यप्रदेश के मंडला में प्रस्तावित राष्ट्रीय अधिवेशन में धर्म कॉलम और भाषा के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। प्रेस वार्ता में विश्वनाथ भगत, मुकेश उरांव, सतीश भगत, इंद्रदेव उरांव और सुरेंद्र उरांव सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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