शिक्षिका के एसटी प्रमाण पत्र की जांच की मांग, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को सौंपा ज्ञापन
By Team orangehindi

आदिवासी समन्वय समिति ने राजकीयकृत +2 उच्च विद्यालय कर्रा में एसटी कोटे से नियुक्ति का मामला उठाया
लोहरदगा। स्थानीय परिसदन, लोहरदगा में शनिवार को आदिवासी समन्वय समिति के अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद उरांव ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, भारत सरकार की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा को ज्ञापन सौंपकर एक शिक्षिका के अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र एवं उससे संबंधित दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की।
ज्ञापन में अरविंद उरांव ने कहा कि स्मिता दास, पिता क्रिस्टोफर दास, पति विशाल विनायक शीतल, निवासी हातुदामी, थाना एवं जिला खूंटी, झारखंड में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत राजकीयकृत +2 उच्च विद्यालय कर्रा, खूंटी में स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक (अंग्रेजी) के पद पर कार्यरत हैं। ज्ञापन के अनुसार उनकी नियुक्ति अनुसूचित जनजाति कोटे के तहत हुई है।
अरविंद उरांव ने शिक्षिका के जाति प्रमाण पत्र को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके अनुसार ‘दास’ उपनाम झारखंड की अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल नहीं है। इसी आधार पर उन्होंने शिक्षिका द्वारा प्रस्तुत जाति प्रमाण पत्र एवं अन्य शैक्षणिक तथा नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों की सत्यता की जांच की मांग की है।
उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने तथा यदि जांच में प्रमाण पत्र अथवा नियुक्ति प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार विधिसम्मत विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अथवा शिक्षिका का पक्ष इस ज्ञापन के आधार पर उपलब्ध नहीं है।