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लोहरदगा में जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने की नई पहल, थानों में अधिवक्ताओं की प्रतिनियुक्ति

By Teem Lohardaga live

Administrative
बैठक करते सचिव

गिरफ्तारी से पहले थाने में ही मिलेगी विधिक सहायता

लोहरदगा। नालसा नई दिल्ली और झालसा रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार लोहरदगा के अध्यक्ष राजकमल मिश्रा के मार्गदर्शन में बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राजेश कुमार ने एलएडीसीएस के विद्वान अधिवक्ताओं और जिले के विभिन्न थानों में प्रतिनियुक्त पीएलवी के साथ संयुक्त बैठक की। बैठक के दौरान सचिव राजेश कुमार ने बताया कि जिले के सभी थानों में पैरालीगल वॉलंटियर (पीएलवी) की नियुक्ति की गई है, जो थानों में विभिन्न कारणों से आने वाले लोगों को विधिक जानकारी देकर उनकी मदद करते हैं। साथ ही झालसा रांची के निर्देशानुसार अब जिले के थानों में विद्वान अधिवक्ताओं का पैनल भी अलग-अलग कार्य दिवसों में प्रतिनियुक्त किया गया है।

इन अधिवक्ताओं में एलएडीसीएस चीफ नसीम अंसारी, डिप्टी चीफ उमेश कुमार और नारायण साहू, सहायक अधिवक्ता भूपेंद्र कुमार, इंद्राणी कुजूर और सुदाम साहू शामिल हैं। प्रतिनियुक्ति के अनुसार एलएडीसीएस चीफ नसीम अंसारी सोमवार और गुरुवार को लोहरदगा तथा पेशरार थाना में रहेंगे, डिप्टी चीफ नारायण साहू सोमवार और गुरुवार को अहतू व एससी/एसटी थाना में रहेंगे, डिप्टी चीफ उमेश कुमार सोमवार और बुधवार को कुडू और बगडू थाना में रहेंगे। वहीं सहायक अधिवक्ता सुदाम साहू सोमवार और गुरुवार को महिला थाना और जोबांग थाना में, इंद्राणी कुजूर सोमवार और गुरुवार को भंडरा और किस्को थाना में तथा भूपेंद्र कुमार बुधवार और शुक्रवार को सेन्हा और कैरो थाना में विधिक सहायता प्रदान करेंगे।

इन अधिवक्ताओं का मुख्य कार्य गरीब और वंचित लोगों को गिरफ्तारी पूर्व विधिक सहायता उपलब्ध कराना है। नालसा की पहल पर गिरफ्तारी से पहले कानूनी सहायता की शुरुआत की गई है, ताकि न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बन सके। सचिव राजेश कुमार ने कहा कि पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए बुलाए गए व्यक्ति अक्सर असुरक्षित और भयभीत महसूस करते हैं। कानूनी सहायता के तहत वकील की उपस्थिति से व्यक्ति कम भयभीत महसूस करता है और उसे अपने संवैधानिक अधिकारों की जानकारी मिलती है। यदि किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी अपरिहार्य हो, तो अधिवक्ता आत्मसमर्पण की प्रक्रिया में मदद कर सकते हैं और जमानत प्राप्त करने के लिए कानूनी सहयोग भी प्रदान करते हैं।

यह पहल जिले में न्याय तक आमजन की पहुंच सुनिश्चित करने और विधिक जागरूकता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।