जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न, हिट-एंड-रन मामलों के त्वरित निस्तारण पर जोर
By Team Lohardaga live

चालान निस्तारण, सड़क सुरक्षा और मुआवजा प्रक्रिया पर हुई विस्तृत समीक्षा
लोहरदगा। झालसा, रांची के निर्देश तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय और नालसा, नई दिल्ली के द्वारा जारी पत्र के आलोक में गुरुवार को जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन डालसा सचिव के कार्यालय कक्ष में किया गया, जिसमें मार्गदर्शन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष डालसा राजकमल मिश्रा का रहा। बैठक की अध्यक्षता डालसा सचिव राजेश कुमार ने की।
बैठक में एसडीओ अमित कुमार, डीटीओ जया शंखी मुर्मू, डीएसपी सुधीर प्रसाद साहू, डीआरएसएम सोमनाथ दत्ता सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित कमेटी के दिशा-निर्देशों पर विस्तृत चर्चा की गई।
जिला परिवहन पदाधिकारी के साथ हुई समीक्षा में चालान निस्तारण की स्थिति पर बात हुई। सुझाव दिया गया कि जिन चालानों में पक्षकारों ने अभी तक फाइन जमा नहीं किया है, उन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर नोटिस जारी कर निस्तारित कराया जा सकता है। सड़क सुरक्षा को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार लोहरदगा एवं जिला परिवहन विभाग संयुक्त रूप से जनसामान्य के बीच जागरूकता अभियान चलाएंगे।
बैठक में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश ‘एस. राजसीकिरण’ पर भी चर्चा की गई। निर्देशों के अनुसार हिट-एंड-रन मामलों की प्रथम सूचना रिपोर्ट एक माह के भीतर अनुसंधानकर्ता द्वारा जिला अनुमंडल पदाधिकारी के कोर्ट में जमा की जानी अनिवार्य है, क्योंकि ऐसे मामलों में जिला अनुमंडल पदाधिकारी ही अन्वेषण अधिकारी होते हैं।
एसडीओ ने जानकारी दी कि हिट-एंड-रन के सभी 11 लंबित मामलों का निष्पादन पूरा कर लिया गया है, जिनमें 3 मामलों में मुआवजा भी प्रदान किया जा चुका है। बैठक में उपस्थित डीएसपी को निर्देश दिया गया कि एफआईआर एक माह के अंदर अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय में जमा कराई जाए, ताकि पीड़ितों एवं उनके परिजनों को जल्द मुआवजा उपलब्ध कराया जा सके।
जानकारी दी गई कि सड़क दुर्घटना में मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायल व्यक्ति को 50 हजार रुपये की मुआवजा राशि प्रदान की जाती है।
