लोहरदगा में अनुभव और पहचान की जीत, दिनेश पांडे चौथी बार और अविनाश कौर तीसरी बार बनीं पार्षद
By Team Lohardaga live

वार्ड संख्या 13 से दिनेश कुमार पांडे ने चौथी लगातार जीत दर्ज कर रचा इतिहास, वार्ड संख्या 8 से अविनाश कौर ने तीसरी बार जीतकर कायम रखा जनविश्वास
लोहरदगा। नगरपालिका चुनाव परिणाम में लोहरदगा के दो वार्डों में अनुभव, जनविश्वास और सामाजिक पहचान की जीत देखने को मिली। वार्ड संख्या 13 से दिनेश कुमार पांडे ने लगातार चौथी बार जीत दर्ज कर नया कीर्तिमान स्थापित किया, वहीं वार्ड संख्या 8 से अविनाश कौर ने लगातार तीसरी बार पार्षद बनकर अपनी मजबूत जनाधार का परिचय दिया। खास बात यह है कि अविनाश कौर का परिवार लोहरदगा जिले का एकमात्र पंजाबी परिवार माना जाता है, जिससे उनकी जीत को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
वार्ड संख्या 13 से दिनेश कुमार पांडे की चौथी लगातार जीत
वार्ड संख्या 13 से दिनेश कुमार पांडे ने एक बार फिर जनता का विश्वास जीतते हुए लगातार चौथी बार पार्षद बनने का गौरव हासिल किया है। वे वर्ष 2008 से ही वार्ड का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और इस बार उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मीर आरिफ को 284 वोटों के अंतर से पराजित किया। पांडे को कुल 704 वोट मिले, जबकि मीर आरिफ को 420 वोट प्राप्त हुए।
दिनेश कुमार पांडे ने अपनी जीत का श्रेय जनता के सहयोग और अपने कार्यकाल के दौरान किए गए विकास कार्यों को दिया। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा और ईमानदारी से किए गए प्रयासों का ही यह परिणाम है।
वार्ड संख्या 8 से अविनाश कौर की तीसरी जीत, सामाजिक पहचान भी बनी ताकत
वार्ड संख्या 8 से अविनाश कौर ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर क्षेत्र में अपनी लोकप्रियता को कायम रखा है। वे लोहरदगा जिले के एकमात्र पंजाबी परिवार से आती हैं, इसके बावजूद उन्होंने सभी समुदायों के बीच अपनी मजबूत पहचान और विश्वास कायम किया है।
अपने पिछले कार्यकालों में उन्होंने वार्ड की बुनियादी समस्याओं के समाधान, सफाई व्यवस्था और जनसुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी। उनकी सक्रियता और जनसंपर्क का ही परिणाम है कि जनता ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया।
जनता ने विकास, विश्वास और सेवा को दिया समर्थन
नगरपालिका चुनाव परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोहरदगा की जनता ने विकास कार्यों, सक्रियता और ईमानदार जनसेवा को प्राथमिकता दी है। दिनेश कुमार पांडे की चौथी और अविनाश कौर की तीसरी लगातार जीत इस बात का प्रमाण है कि क्षेत्र में निरंतर कार्य और जनता से जुड़ाव ही चुनावी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
