किसान सरकारी दर पर ही बेचें धान, स्कूलों में शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित हो : उपायुक्त
By Team Lohardaga live

पंचायत कर गोइठ के 19वें संस्करण में मुखिया से सीधी वार्ता
लोहरदगा। जिले के उपायुक्त डॉ. ताराचंद ने पंचायत कर गोइठ के 19वें संस्करण के तहत जिले के सभी पंचायतों के मुखियाओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधी बातचीत की। समाहरणालय सभागार से आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कुरीतियों से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तार से दिशा-निर्देश दिए।
रबी फसल को बढ़ावा देने की अपील
उपायुक्त ने मुखियाओं से अपने-अपने क्षेत्र के किसानों को रबी फसल के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिले में आलू, चना, सरसों, मटर और गेहूं जैसी फसलों की अपार संभावनाएं हैं। इन फसलों की खेती से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और साल भर कृषि कार्य से जुड़े रहने के कारण पलायन पर भी रोक लगेगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सभी किसान अनिवार्य रूप से अपनी फसल का बीमा कराएं। योजना के तहत निबंधन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 है। प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर किसान 72 घंटे के भीतर 14447 पर कॉल कर सूचना दर्ज करा सकते हैं।
सरकारी दर 24.50 रुपये प्रति किलो पर ही धान बेचें
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि किसान अपना धान बिचौलियों को औने-पौने दाम पर न बेचें, बल्कि सरकार द्वारा निर्धारित 24.50 रुपये प्रति किलो की दर से नजदीकी सरकारी क्रय केंद्रों पर ही बिक्री करें। उन्होंने कहा कि धान क्रय-विक्रय में किसी भी तरह की अनियमितता की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को दी जाए, ताकि दोषियों पर विधिसम्मत कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि जिले में धान क्रय के एवज में किसानों को भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और किसान बेहिचक अपने धान सरकारी केंद्रों तक लाएं।
विद्यालयों में शत प्रतिशत उपस्थिति पर जोर
उपायुक्त डॉ. ताराचंद ने मुखियाओं से अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों के विद्यालयों में बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि मुखिया नियमित रूप से अभिभावकों के साथ बैठक कर शिक्षा के महत्व के प्रति उन्हें जागरूक करें।
उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते मुखिया 10वीं और 12वीं की परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के साथ बैठक कर अनुकूल शैक्षणिक माहौल तैयार करें, ताकि बेहतर परिणाम हासिल हो सके।
गर्भवती महिलाओं का संस्थागत प्रसव अनिवार्य
उपायुक्त ने ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें समुचित देखभाल और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हर हाल में गर्भवती महिलाओं का संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने बताया कि जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही जरूरतमंद लोग आयुष्मान कार्ड के माध्यम से चिन्हित अस्पतालों में निःशुल्क इलाज का लाभ उठा सकते हैं।
बाल विवाह और डायन प्रथा के खिलाफ सख्ती
उपायुक्त ने सभी मुखियाओं से समन्वित प्रयास कर जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प लेने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर होने वाले विवाह आयोजनों पर कड़ी नजर रखी जाए।
इसके साथ ही डायन प्रथा से जुड़े मामलों में तत्काल लोगों को जागरूक करने और इसकी सूचना जिला प्रशासन को देने का निर्देश दिया गया।
स्थानीय समस्याओं के समाधान का भरोसा
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने बड़कीचांपी, अरु, सिरम भीठा और पंडरा पंचायत के मुखियाओं से एक-एक कर बातचीत की। उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक आईटीडीए सुषमा नीलम सोरेंग, अपर समाहर्ता जितेंद्र मुंडा, जिला पंचायती राज पदाधिकारी अंजना दास सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
