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पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष स्व. प्राण प्रसाद जायसवाल की 17वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित

By Team Lohardaga live

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पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष स्व. प्राण प्रसाद जायसवाल की 17वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित

समाजसेवी के योगदान को किया याद, बड़ी संख्या में पहुंचे जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और शुभचिंतक

पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष स्व. प्राण प्रसाद जायसवाल की 17वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित

लोहरदगा। समाजसेवी एवं कांग्रेस पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वर्गीय प्राण प्रसाद जायसवाल की 17वीं पुण्यतिथि पर शनिवार को छत्तर बगीचा स्थित उनके आवास पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों, शिक्षाविदों और शुभचिंतकों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

श्रद्धांजलि सभा में स्वर्गीय प्राण प्रसाद जायसवाल के सामाजिक जीवन, जनसेवा और संगठनात्मक योगदान को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने सदैव समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता को प्राथमिकता दी। उनका सरल, सहज और मिलनसार व्यक्तित्व आज भी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है।

कार्यक्रम में उनकी पत्नी प्रमिला देवी तथा पुत्र आशीष जायसवाल, निशीथ जायसवाल, विकास जायसवाल, प्रशांत जायसवाल, मनोज जायसवाल, विजय जायसवाल, शाश्वत जायसवाल एवं सौभाग्य जायसवाल सहित परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

श्रद्धांजलि सभा में जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव, गुमला सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, डॉ. शैलेश कुमार, आचार्य शरद चंद्र, कमल प्रसाद केसरी सहित विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग शामिल हुए। सभी ने स्वर्गीय प्राण प्रसाद जायसवाल के व्यक्तित्व और समाज के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा उनके आदर्शों पर चलकर समाज सेवा और जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। साथ ही परिवार के सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

श्रद्धांजलि सभा का समापन स्वर्गीय प्राण प्रसाद जायसवाल के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए हुआ। वक्ताओं ने कहा कि जनसेवा, सामाजिक समर्पण और मानवीय मूल्यों के प्रति उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

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