खनन सुरक्षा से पुनर्वास तक, झारखंड के हितों को प्राथमिकता देने की सांसद सुखदेव भगत ने की पैरवी
By Team orangehindi

संसदीय स्थायी समिति की बैठक में कोयला खदानों की सुरक्षा, इस्पात उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण और खनन प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास को प्राथमिकता देने का सुझाव
लोहरदगा। नई दिल्ली स्थित संसद भवन में शुक्रवार को कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी संसदीय स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। समिति के अध्यक्ष एवं सांसद अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में वर्ष 2026-27 के कार्यकाल के दौरान जांच के लिए विषयों के चयन पर चर्चा की गई। इस दौरान लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत भी मौजूद रहे।
बैठक में सांसद सुखदेव भगत ने झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए जांच के विषयों के चयन पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि समिति की आगामी कार्ययोजना में कोयला खदानों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा, इस्पात उद्योग में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप उत्पादन बढ़ाने तथा खनन प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता दी जानी चाहिए।
भगत ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों को भी जांच सूची में प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उनका सुझाव था कि खनन गतिविधियों से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के दौरान प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों और वहां रहने वाले लोगों के हितों पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए जांच के विषयों के चयन पर सदस्यों ने सर्वसम्मति से सहमति जताई। संसदीय समिति की यह प्रक्रिया आगामी कार्यकाल में कोयला, खान और इस्पात क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा के लिए आधार तैयार करेगी।