संसद की गरिमा बनाए रखे सरकार, 'वंदे मातरम्' की भावना से खिलवाड़ न हो : सांसद सुखदेव भगत
By Team Lohardaga live

राष्ट्रीय गीत और मानसून सत्र को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
नई दिल्ली/लोहरदगा। लोहरदगा के कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने संसद के मानसून सत्र के दौरान 'वंदे मातरम्' और संसदीय कार्यवाही को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गीत की भावना के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए और संसद को राजनीतिक मंच बनाने से बचना चाहिए।
सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि संविधान सभा में विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों ने डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित सभी सदस्यों की सहमति से तय किया था कि 'वंदे मातरम्' के किस हिस्से को राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक निर्णय और उससे जुड़ी भावना का सम्मान किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम्' बंगाल विभाजन के दौरान स्वतंत्रता आंदोलन और जनभावनाओं का प्रतीक रहा है। इस गीत ने आजादी की लड़ाई में लोगों के भीतर उत्साह और ऊर्जा का संचार किया था। सांसद ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय गीत के नाम पर भारतीय जनता पार्टी उसकी मूल भावना के साथ खिलवाड़ कर रही है और इस विषय पर उसकी सोच संकीर्ण है।
मानसून सत्र को लेकर सांसद ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, किसी राजनीतिक दल का मंच नहीं। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी पक्षों की जिम्मेदारी है और वहां सार्थक चर्चा तथा जनहित के मुद्दों पर गंभीर बहस होनी चाहिए।
सुखदेव भगत ने संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू से अपील करते हुए कहा कि वे सत्तापक्ष के सदस्यों को सदन की मर्यादा बनाए रखने के लिए प्रेरित करें, ताकि संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चल सके।
सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी जनहित के मुद्दों पर अपनी बात रखने का प्रयास करते हैं तो उनका माइक बंद कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की खूबसूरती पक्ष और विपक्ष दोनों की सक्रिय भागीदारी में है और सरकार को स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करना चाहिए।
