बड़े कानून से पहले विपक्ष को विश्वास में ले सरकार : सुखदेव भगत
By Team orangehindi

सांसद बोले—60 प्रतिशत जनता का प्रतिनिधित्व करने वाले विपक्ष को दरकिनार करना
लोकतांत्रिक भावना के विपरीत, महत्वपूर्ण विधेयकों पर हो व्यापक चर्चा
लोहरदगा। लोहरदगा के सांसद एवं छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार से किसी भी बड़े राजनीतिक बदलाव या महत्वपूर्ण विधेयक को संसद में पेश करने से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार को ऐसे फैसले लेने से पहले सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लेना चाहिए, ताकि देशहित में व्यापक सहमति के साथ नीतियां बनाई जा सकें।
सांसद भगत ने कहा कि विपक्ष देश की बड़ी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। उनके अनुसार, विपक्ष लगभग 60 प्रतिशत जनता की आवाज उठाता है। ऐसे में उसे नजरअंदाज कर बड़े नीतिगत फैसले लेना उचित नहीं है। सरकार को चाहिए कि किसी महत्वपूर्ण विधेयक को संसद में लाने से पहले सभी दलों के साथ चर्चा करे और उनके विचारों को सम्मान दे।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका केवल सरकार की नीतियों का विरोध करना नहीं है, बल्कि जनता की समस्याओं, अपेक्षाओं और विचारों को सरकार के सामने रखना भी है। किसी बड़े राजनीतिक या नीतिगत परिवर्तन का व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना हो, तो उस पर सभी पक्षों की राय लेना जरूरी है।
भगत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी संसद में आने वाले महत्वपूर्ण विधेयकों पर सार्थक चर्चा और सभी दलों की भागीदारी की पक्षधर है। संवाद और विचार-विमर्श से कानूनों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने जोर दिया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए सरकार और विपक्ष के बीच संवाद, आपसी सम्मान तथा सहमति बनाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।