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ग्राम सभा लोगों को न्याय की ताकत देती है : निशा उरांव

By Team Lohardaga live

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कार्यकर्म का उद्घाटन करते अतिथिगण

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और झारखंड स्थापना दिवस पर भव्य आयोजन

लोहरदगा। जिले के कचहरी मोड़ दरहा देशवली स्थल पर भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, झारखंड राज्य स्थापना दिवस के 25वें वर्ष तथा राष्ट्रीय सरना धर्म महासम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन लोहरदगा विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव, पूर्व पंचायती राज विभाग निदेशक और रांची आयकर आयुक्त निशा उरांव सहित विभिन्न राज्यों से आए विशिष्ट अतिथियों ने संयुक्त रूप से किया।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई। बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, सरना प्रार्थना सभा के प्रतिनिधि और विभिन्न जनजातीय समुदायों से आए प्रतिभागी मौजूद रहे।

आदिवासी जमीन की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त

विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव ने अपने संबोधन में कहा कि रांची सहित कई शहरी क्षेत्रों में आदिवासी भूमि तेजी से बिक रही है। उन्होंने सीएनटी और एसपीटी कानूनों की जानकारी देते हुए कहा कि कानून मौजूद होने के बावजूद जमीन बचाने में कठिनाइयाँ आ रही हैं। उन्होंने समुदाय से एकजुट होकर इस दिशा में सजग रहने की अपील की।

ग्राम सभा ही न्याय और अधिकार की पहली अदालत : निशा उरांव

पूर्व निदेशक निशा उरांव ने कहा कि अपनी धर्म-संस्कृति की रक्षा करना संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा लोगों को “कोर्ट-कचहरी” जैसी ताकत देती है, जहाँ जमीन-जायदाद, शादी-विवाह, पारिवारिक विवाद समेत कई मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर किया जा सकता है। उन्होंने पेशा कानून को पुनः सक्रिय किए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि समुदाय अगर संगठित हो जाए, तो अपनी परंपराओं और आजीविका की रक्षा कर सकता है।

प्राकृतिक जीवन पद्धति ही हमारी पहचान : मुकेश विरूवा

बिहार, बंगाल और हो समाज के प्रतिनिधि मुकेश विरूवा ने कहा कि आदिवासी समाज की धर्मग्रंथि धरती है और जीवन पद्धति पूरी तरह प्रकृति से जुड़ी है। उन्होंने बताया कि बिरसा मुंडा प्रकृति के ज्ञान के धनी थे और जल-जंगल-जमीन आदिवासी जीवन का आधार है।

कार्यक्रम के अंत में आदिवासी नृत्य और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आयोजित की गईं, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने अपनी समृद्ध परंपरा का प्रदर्शन किया।