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माउंटेन व्यू पब्लिक स्कूल में खेल दिवस और नेहरू जयंती का भव्य आयोजन

By Teem Lohardaga live

Education
जवाहर लाल नेहरू के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते विद्यालय के निदेशक

खेल प्रतियोगिताओं में बच्चों ने दिखाया उत्साह, नेहरू जयंती पर किया गया माल्यार्पण

रेस में शामिल प्रतिभागी

लोहरदगा। माउंटेन व्यू पब्लिक स्कूल, दतरी में शुक्रवार को खेल दिवस एवं स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। सुबह से ही विद्यालय परिसर में बच्चों का जोश देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम की शुरुआत नेहरू जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। सभी शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी इस अवसर पर उपस्थित रहे और बाल दिवस की भावना को मिलकर साझा किया।

इसके बाद विद्यालय के निदेशक सुजीत भगत के नेतृत्व में खेल प्रतियोगिताओं की शुरुआत की गई। प्राथमिक से लेकर उच्च कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए कबड्डी, खो-खो, रिले रेस, जलेबी रेस, फ्रॉग रेस, बलून रेस समेत अनेक रोमांचक प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। मैदान में हर ओर बच्चों का उत्साह, तालियों की गूँज और उनके अच्छे प्रदर्शन के लिए मित्रों व शिक्षकों का हौसला बढ़ाना माहौल को और जीवंत बना रहा था।

लड़कियों और लड़कों दोनों वर्गों में हुई प्रतियोगिताओं में प्रतिभागी बच्चों ने भरपूर जोश एवं ऊर्जा का प्रदर्शन किया। विजेताओं को कार्यक्रम के अंत में पुरस्कार प्रदान किए गए। शिक्षकों ने भी बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए खेलों के नियमों और टीम भावना के महत्व के बारे में समझाया।

इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक सुजीत भगत ने अपने संबोधन में कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि यह बच्चों को शारीरिक रूप से सशक्त और मानसिक रूप से दृढ़ बनाते हैं। उन्होंने कहा कि खेलों से अनुशासन, धैर्य, सहयोग और आत्मविश्वास जैसे मूल्य विकसित होते हैं, जो जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाने में सहायक हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी मुकेश कुमार, मनव्वर हुसैन, प्रीति भगत, गीता कुमारी, आयशा खातून, मनीषा कुमारी, कोमल कुमारी, प्रियंका कुमारी, सुधा मिश्रा, अर्चना पंडित, संगीता कुमारी, दीपिका साहू आदि मौजूद रहे। सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि कार्यक्रम शांति, अनुशासन और उत्साहपूर्वक सम्पन्न हो।

दिनभर चले इस आयोजन ने न केवल बच्चों के भीतर प्रतिस्पर्धात्मक भावना को विकसित किया, बल्कि नेहरू जी के प्रति सम्मान और बाल दिवस के महत्व को भी गहराई से समझाया। विद्यालय परिसर में बच्चों की चमकती मुस्कान और उत्साह ने इस दिन को यादगार बना दिया।