विद्या मंदिर में “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूरे होने पर भव्य आयोजन
By Team Lohardaga live

वंदे मातरम् केवल गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की पुकार : पूर्व सांसद
लोहरदगा। शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर, लोहरदगा में गुरुवार 13 नवंबर 2025 को ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रांत संघचालक सच्चिदानंद लाल, पूर्व सांसद सुदर्शन भगत, भाजपा जिला अध्यक्ष मनीर उरांव, विद्यालय प्रबंधनकारिणी के सचिव अजय प्रसाद सहित हर्षनाथ महतो, पशुपतिनाथ पारस, अनिल उरांव, मिथुन तमेड़ा, विवेक चौहान, राजकुमार मुंडे एवं जोधनारायण सिंह उपस्थित रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य बिपिन कुमार दास ने अतिथियों का स्वागत किया।
पूर्व सांसद सुदर्शन भगत ने अपने संबोधन में कहा कि वंदे मातरम् केवल गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की पुकार है। 1875 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत आजादी के आंदोलन की प्रेरणा बना। स्वतंत्रता सेनानियों के हृदय में देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित करने में इस गीत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होना हम सबके लिए गर्व का क्षण है यह मां भारती के प्रति प्रेम, सम्मान और एकता का प्रतीक है।
विद्यालय के विद्यार्थियों ने वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया, जिससे वातावरण देशभक्ति के भावों से ओतप्रोत हो उठा। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों और भाषणों के माध्यम से भारत माता के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
प्रधानाचार्य बिपिन कुमार दास ने अपने उद्बोधन में ‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह गीत भारतीय अस्मिता का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से देशप्रेम की भावना सदा जीवित रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र-छात्राएँ एवं अभिभावक उपस्थित थे। सभी ने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के इस ऐतिहासिक अवसर पर गर्व की अनुभूति की।
