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आजादी के 78 साल बाद रेल मानचित्र पर आएगा गुमला, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू

By Team orangehindi

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आजादी के 78 साल बाद रेल मानचित्र पर आएगा गुमला, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू

लोहरदगा-गुमला-पत्थलगांव-धरमजयगढ़ नई रेल लाइन के लिए गुमला के 41 और लोहरदगा के 14 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित

लोहरदगा। आजादी के बाद से अब तक रेल सुविधा से वंचित गुमला जिला अब रेल मानचित्र से जुड़ने की दिशा में आगे बढ़ गया है। लोहरदगा से गुमला, पत्थलगांव होते हुए धरमजयगढ़ तक प्रस्तावित 291.881 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परियोजना को केंद्र सरकार ने विशेष रेल परियोजना के रूप में मंजूरी दी है। भारत सरकार के राजपत्र संख्या 2764, दिनांक 4 जून 2026 के तहत इसका अधिसूचना प्रकाशन भी हो चुका है।

परियोजना के तहत गुमला और लोहरदगा जिले में कुल 561.477 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसमें गुमला जिले के 41 गांवों की 439.040 हेक्टेयर तथा लोहरदगा जिले के 14 गांवों की 122.437 हेक्टेयर भूमि शामिल है।

रेल मंत्रालय के दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य परियोजना प्रबंधक महाबल प्रसाद ने दोनों जिलों के उपायुक्तों को पत्र भेजकर रेल अधिनियम, 1989 की धारा 7ए के तहत भूमि अधिग्रहण के लिए राज्य सरकार के एक नोडल अधिकारी को सक्षम प्राधिकारी के रूप में नामित करने का आग्रह किया है।

सांसद सुखदेव भगत की ओर से उनके निजी सचिव आलोक कुमार साहू ने परियोजना प्रबंधक से बातचीत कर भूमि अधिग्रहण की प्रगति की जानकारी ली। परियोजना प्रबंधक ने बताया कि गुमला में 41 गांवों की 439.040 हेक्टेयर और लोहरदगा में 14 गांवों की 122.437 हेक्टेयर निजी जमीन अधिग्रहित की जाएगी। गुमला उपायुक्त की ओर से नोडल पदाधिकारी-सह-सक्षम प्राधिकारी का नाम रेल विभाग को भेज दिया गया है, जबकि लोहरदगा में भी जल्द नामित कर भेजने की बात कही गई है।

परियोजना प्रबंधक ने सांसद सुखदेव भगत से शीघ्र मुलाकात कर दोनों जिलों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में सहयोग का आग्रह करने की बात कही है। सांसद की ओर से बताया गया कि गुमला को रेल से जोड़ने की मांग संसद में लगातार उठाई गई थी और रेल मंत्री से भी इस संबंध में व्यक्तिगत रूप से आग्रह किया गया था।

इन गांवों में होगी जमीन का अधिग्रहण

गुमला जिले में रायडीह, गुमला, घाघरा और सिसई अंचल के कुल 41 गांव शामिल हैं। रायडीह अंचल में कटकला, केराडीह, सिरिंगाबरटोली, पोगरा, ऊंचाडीह, रघुनाथपुर, परसा, बांसडीह और तेलगांव शामिल हैं। गुमला अंचल में चाहा, पहरपनारी, सोसो, जोरादानर, निमटोली, चंदाली, कसिटोली, फाथी, मोकड़ो, बरकलोरो, ईरो फाटकपुर, सवरिया, खरका, बेलागरा और तोताम्बी सहित गांव शामिल हैं। घाघरा अंचल में डोडांग, कस्पोरेया, अनाध्राडीह, माकरा, ढेरहौली, पतागैन, टंगारसिकवार, नौडीहा, खाटंगा, हप्पामुनि, गम्हारिया और बुटी तथा सिसई अंचल में केन्द्रा शामिल है।

लोहरदगा जिले में सेन्हा और लोहरदगा अंचल के 14 गांवों की जमीन अधिग्रहित होगी। इनमें कुंदगरी, कल्हेपाट, अर्रू, सेन्हा, बदला, अरहासा, चांदकोपा, निगनी, बागरू, बामंदीहा, कुटमू, लोहरदगा और हरमू शामिल हैं। परियोजना के लिए लोहरदगा जिले में कुल 122.437 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है।

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