हेमन्त सरकार ने युवाओं, किसानों, महिलाओं और बच्चों को ठगा है: बाबूलाल मरांडी
By Teem Lohardaga live

स्वदेशी अपनाओ और आत्मनिर्भर भारत अभियान पर मेरले में भाजपा की जन चौपाल आयोजित
लोहरदगा। हेमंत सरकार ने झारखंड के युवाओं, किसानों, महिलाओं, बेरोजगारों और बच्चों को ठगने का काम किया है। यह बात राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री, विपक्ष के नेता एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने मंगलवार को हिसरी पंचायत अंतर्गत मेरले में आयोजित भाजपा की जन चौपाल में कही। किसको मंडल अध्यक्ष राजकुमार मुंडा की अध्यक्षता में आयोजित इस जन चौपाल का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी अपनाओ और आत्मनिर्भर भारत अभियान को जन-जन तक पहुँचाना था। मरांडी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प लिया है और इस दिशा में हर नागरिक का योगदान आवश्यक है। उन्होंने रामसेतु की कथा का उदाहरण देते हुए कहा कि छोटे से छोटे प्रयास का भी महत्व होता है, इसलिए देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि उद्योग-धंधे और रोजगार के अवसर बढ़ें और देश का धन देश में ही रहे।
प्रदेश की हेमन्त सरकार पर हमला बोलते हुए मरांडी ने कहा कि छह वर्ष में झारखंड में लूट, चोरी, डकैती, बलात्कार और भ्रष्टाचार चरम पर पहुँच चुका है। बेटियाँ सुरक्षित नहीं हैं, पुलिस गरीबों की शिकायत पर कार्रवाई नहीं कर रही, बल्कि बालू और कोयला माफिया को संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है, उद्योगपति दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं, लगभग डेढ़ लाख सरकारी पद खाली होने के बावजूद युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा और राज्य से पलायन लगातार बढ़ रहा है। भ्रष्टाचार ऐसा है कि बिना पैसे किसी भी विभाग में कोई काम नहीं होता। अस्पतालों में डॉक्टर और नर्सों की भारी कमी है और मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना तथा आवास योजना का लाभ भी आम लोगों तक नहीं पहुँच पा रहा। उन्होंने कहा कि सरकार ने सड़कों की मरम्मत तक नहीं करवाई है और लोग बदहाल सड़कों पर चलने को मजबूर हैं।
मरांडी ने आरोप लगाया कि चुनावी घोषणाएँ पूरी तरह झूठ साबित हुई हैं। युवाओं को रोजगार और बेरोजगारी भत्ता, 450 रुपये में गैस सिलेंडर, गरीबों को दो किलो अतिरिक्त चावल, किसानों को फसल बीमा राशि—ये सभी वादे धरातल पर नहीं उतरे। किसानों को 2025 की फसल बीमा राशि अब तक नहीं मिली है और धान की खरीद भी शुरू नहीं की गई। उन्होंने कहा कि कुछ महिलाओं को 2500 रुपये दिए जा रहे हैं, पर बुजुर्ग और वंचित महिलाओं की कोई चिंता नहीं की जा रही। स्कूली बच्चों की छात्रवृत्ति दो वर्षों से लंबित है, जिससे बच्चों को मजदूरी कर पढ़ाई का खर्च जुटाना पड़ रहा है।
एसआईआर को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर उन्होंने कहा कि विपक्ष डरा हुआ है, इसलिए अफवाहें फैला रहा है। उन्होंने बताया कि 1951 में जनजातियों की आबादी 36 प्रतिशत थी, जो 2011 में घटकर 26 प्रतिशत रह गई, जबकि जिनकी आबादी 8-9 प्रतिशत थी, उनकी संख्या बढ़कर 14 प्रतिशत हो गई है। बाहरी लोगों से मूलवासी अधिकारों की रक्षा के लिए एसआईआर आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अस्मिता, इज्जत और समाज की रक्षा के लिए सतर्क रहने की अपील की।
जन चौपाल में प्रवीण सिंह ने कहा कि लोहरदगा को बाक्साइट नगरी कहा जाता है, लेकिन बाक्साइट ले जाने वाली कंपनियाँ स्थानीय लोगों को कोई लाभ नहीं दे रही हैं। ओम सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने राम मंदिर जैसे कई ऐतिहासिक कार्य कर अपने घोषणा पत्र के वादों को पूरा किया है। जिला अध्यक्ष मनीर उराँव ने अतिथियों का पट्टा और गुलदस्ता देकर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार मुंडा और धन्यवाद ज्ञापन सरिता देवी ने किया। इस दौरान बाबूलाल मरांडी ने लोगों को स्वदेशी अपनाने की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम में राकेश प्रसाद, रानी मिंज, मंजू देवी, बालकृष्ण सिंह, अनिल उराँव, पशुपति नाथ पारस, मिथुन तमेडा, राजकुमार वर्मा, मीना बाखला, सुरेश लोहरा, अरविंद पाठक सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
