15 साल पुराने व्यावसायिक वाहनों के परमिट विवाद पर हाई कोर्ट सख्त, राज्य सरकार से 8 हफ्ते में जवाब तलब
By Team Lohardaga live

लोहरदगा–गुमला ट्रक ऑनर एसोसिएशन की याचिका पर झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
हाई कोर्ट में दाखिल हुई रिट याचिका WPC-6596/2025
एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष कवलजीत सिंह द्वारा दायर रिट याचिका पर 2 दिसंबर को हुई सुनवाई में अदालत ने झारखंड सरकार, परिवहन सचिव, परिवहन आयुक्त तथा दक्षिण और उत्तर छोटानागपुर के उप परिवहन आयुक्तों को आठ सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने का आदेश दिया। निर्धारित अवधि के बाद मामले की पुनः सुनवाई होगी।
परमिट रोकने के निर्णय पर उठे सवाल
याचिका में यह मांग उठाई गई है कि सरकार ने बिना किसी पूर्व सूचना और बिना स्पष्ट कारण बताए 15 वर्षों से अधिक पुराने व्यावसायिक वाहनों के परमिट को दक्षिण छोटानागपुर (रांची) और उत्तर छोटानागपुर (हजारीबाग) प्रमंडलों में रोक रखा है। इससे इन जिलों में चलने वाले सैकड़ों व्यावसायिक वाहनों को नया रोड परमिट नहीं मिल पा रहा है।
रोड टैक्स लिया जा रहा, पर परमिट नहीं- याचिकाकर्ता ने जताई आपत्ति
याचिकाकर्ता का तर्क है कि जिन वाहनों पर परमिट रोक दिया गया है, उन्हीं वाहनों से राज्य सरकार नियमित रूप से रोड टैक्स वसूल रही है। ऐसे में टैक्स लेने के बावजूद परमिट जारी न करना वाहन मालिकों के साथ अन्याय है और उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रक ऑनर एसोसिएशन की बड़ी राहत की उम्मीद
हाई कोर्ट के इस हस्तक्षेप से लोहरदगा- गुमला ट्रक ऑनर एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि पुराने व्यावसायिक वाहनों के संबंध में स्पष्ट नीति बनेगी और प्रभावित वाहन संचालकों को राहत मिलेगी।
