आजीविका कैडर के सैकड़ों सदस्यों ने सांसद सुखदेव भगत के आवास पर किया महाजुटान
By Team orange hindi

ज्ञापन लेकर पहुंचे महिला-पुरुष प्रतिनिधि, सांसद ने मौके पर ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह से की बात; एक माह में सकारात्मक निर्णय का मिला भरोसा

लोहरदगा। आजीविका कैडर की विभिन्न मांगों को लेकर झारखंड राज्य आजीविका ऑल कैडर संघ, पलाश, रांची से जुड़े सैकड़ों महिला एवं पुरुष सदस्यों ने लोहरदगा लोकसभा सांसद सुखदेव भगत के आवास पर महाजुटान किया। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन सांसद को सौंपते हुए उनके समाधान के लिए पहल करने का आग्रह किया।
2016-17 से ग्रामीण क्षेत्रों में दे रहे सेवाएं
संघ के सदस्यों ने बताया कि आजीविका कैडर वर्ष 2016-17 से ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार के अंतर्गत JSLPS के माध्यम से प्रखंड के VO स्तर, पंचायत स्तर एवं संकुल स्तर पर कार्य कर रहे हैं। कैडर के सदस्य ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों में समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण देने के साथ आजीविका संवर्धन, कृषि, पशुपालन, सामाजिक विकास, नन-फार्म गतिविधियों, फूलो-झानो योजना, स्वास्थ्य एवं पोषण, बैंक लिंकेज, बीमा और कौशल विकास जैसे कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
सरकारी योजनाओं को गांव तक पहुंचाने में अहम भूमिका
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि आजीविका कैडर ग्रामीण महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ MIS, LOKOS ENTRY, रजिस्टर अपडेट सहित विभिन्न प्रशासनिक एवं सामुदायिक कार्यों को भी पूरा करते हैं। इसके बावजूद उनकी सेवा शर्तों और मानदेय को लेकर लंबे समय से अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है।
ये हैं प्रमुख मांगें
संघ ने आजीविका कैडर का मानदेय 800 रुपये प्रतिदिन की दर से 26 दिनों के लिए 20,800 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की। इसके अलावा यात्रा, स्टेशनरी, पेट्रोल एवं मोबाइल रिचार्ज आदि खर्चों के लिए 3,000 रुपये प्रतिमाह कम्युनिकेशन भत्ता देने, FTA में शामिल कर HR पॉलिसी का लाभ देने तथा PF में पंजीकरण की मांग रखी गई।
मानदेय का भुगतान व्यक्तिगत बैंक खाते में करने, प्रत्येक वर्ष 10 से 15 प्रतिशत मानदेय वृद्धि का प्रावधान करने, JSLPS की सभी रिक्तियों में BRP/LHC को 60 प्रतिशत आरक्षण देने तथा आजीविका कैडर को बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
सांसद ने कहा—आजीविका कैडर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़
मांगों को गंभीरता से सुनने के बाद सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि राज्य के करीब 56 हजार आजीविका दीदी-भैया झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि आजीविका कैडर ने राज्य की लाखों ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों के साथ वे खड़े हैं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हरसंभव समुचित प्रयास करेंगे।
मौके पर मंत्री से की दूरभाष पर वार्ता
सांसद सुखदेव भगत ने प्रतिनिधिमंडल के सामने ही ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडे सिंह से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने मंत्री को आजीविका कैडर की सभी प्रमुख समस्याओं और मांगों से अवगत कराते हुए इनके समाधान के लिए सकारात्मक पहल करने का आग्रह किया।
एक माह में सकारात्मक निर्णय का आश्वासन
मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने सांसद को बताया कि पूरे झारखंड में लगभग 56 हजार आजीविका कैडर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक पहल करेगी। मांगों से संबंधित निर्णय JSLPS की बोर्ड मीटिंग (GB Meeting) में लिया जाएगा। मंत्री ने एक माह के भीतर इस मामले में सकारात्मक निर्णय लिए जाने का आश्वासन दिया।
आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल में खुशी
मंत्री के आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में खुशी का माहौल रहा। संघ के सदस्यों ने सांसद सुखदेव भगत के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सांसद ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सरकार के स्तर पर बात की, जिससे उन्हें अपनी मांगों के समाधान की उम्मीद जगी है।
कार्यक्रम में संघ के प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष आजीविका कैडर मौजूद रहे।













