कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी संसदीय समिति की अहम बैठक, बोले सांसद सुखदेव भगतऊर्जा सुरक्षा, खनिज संसाधनों के समुचित उपयोग और अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक*
By Team orangehindi

मुन्नार/लोहरदगाः केरल के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मुन्नार में कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी स्थायी संसदीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक समिति के अध्यक्ष एवं सांसद अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में लोहरदगा लोकसभा के सांसद एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी सुखदेव भगत ने समिति के सदस्य के रूप में सक्रिय भागीदारी निभाई। बैठक में देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक एवं समुचित उपयोग, औद्योगिक विकास को गति देने, क्रिटिकल मिनरल्स की उपलब्धता, पर्यावरण संरक्षण तथा अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। समिति के सदस्यों ने खनन एवं खनिज क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग, पारदर्शिता बढ़ाने तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। बैठक को संबोधित करते हुए सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति और औद्योगिक विकास में खनिज संसाधनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में इनके दोहन और उपयोग के बीच संतुलन कायम करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा, खनिज संसाधनों के संरक्षण एवं उनके समुचित उपयोग तथा औद्योगिक विकास को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर समन्वित प्रयास जरूरी हैं। सांसद भगत ने प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि खनन गतिविधियों में आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल तकनीकों का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाना चाहिए। साथ ही अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है। बैठक में कोयला मंत्रालय, इस्पात मंत्रालय, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई), सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल), भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल), मेकॉन लिमिटेड तथा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड समेत संबंधित संस्थानों एवं विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सांसद सुखदेव भगत की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण माना गया। उनके द्वारा ऊर्जा, खनिज, पर्यावरण और औद्योगिक विकास से जुड़े विषयों को मजबूती से उठाए जाने से झारखंड सहित खनिज संपदा वाले राज्यों के हितों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से रखने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।













