धार्मिक अक्षुण्यता बनाए रखने में यात्राओं की अहम भूमिका : स्वामी कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी
By Team Lohardaga live

विश्व हिंदू परिषद धर्मयात्रा महासंघ के तत्वावधान में 240 श्रद्धालु रवाना
लोहरदगा। धर्म की धार्मिक अक्षुण्यता बनाए रखने और उसे समझने के लिए समय-समय पर धार्मिक यात्राएं अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं। यह बातें प्रांतीय धार्मिक मार्गदर्शक मंडली के संयोजक स्वामी कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी ने कहीं। वे विश्व हिंदू परिषद धर्मयात्रा महासंघ के तत्वावधान में आयोजित धार्मिक यात्रा के शुभारंभ अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे।
विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री रंजीत कुमार साहू, बजरंग दल के जिला संयोजक पवन कुमार प्रजापति एवं सह संयोजक विवेक यादव के नेतृत्व में दो वॉल्वो बसों से करीब 240 महिला-पुरुष श्रद्धालुओं का दल 12 दिवसीय धार्मिक यात्रा पर रवाना हुआ। यात्रा के दौरान बोधगया, सीतामढ़ी, अयोध्या और प्रयागराज के अलावा नेपाल के जनकपुर, पशुपतिनाथ और काठमांडू के प्रमुख धार्मिक स्थलों का दर्शन-पूजन किया जाएगा।
यात्रा को सुव्यवस्थित एवं निर्बाध रूप से संपन्न कराने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। रात्रि विश्राम एवं आध्यात्मिक वातावरण बनाए रखने के लिए सत्संग, भजन-कीर्तन हेतु दस सदस्यों की अलग टीम वाद्य यंत्रों के साथ शामिल की गई है। वहीं भोजन व्यवस्था के लिए रसोइयों की अलग टीम के साथ पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री और आवश्यक सामान भी साथ ले जाया गया है।
यात्रा संयोजक रंजीत कुमार साहू ने बताया कि यात्रा के प्रत्येक पहलू पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस कार्य में बजरंग दल की टीम सहयोगी के रूप में लगातार साथ रहेगी।
यात्रा के शुभारंभ से पूर्व धार्मिक भजन-कीर्तन और सत्संग का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष रितेश कुमार, बजरंग दल के सह संयोजक प्रद्युम्न पाठक सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। स्वामी कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी ने अपने संबोधन में कहा कि धार्मिक यात्राएं धर्म, संस्कृति और संस्कारों को नजदीक से समझने का अवसर देती हैं। यात्रा के दौरान प्राप्त अनुभवों को आत्मसात कर लौटने के बाद समाज के बीच साझा करना चाहिए, ताकि धर्म और सांस्कृतिक चेतना को आगे बढ़ाया जा सके।
