जीव दया फाउंडेशन और होप की पहल: 43 जरूरतमंद बच्चों के बीच यूनिफार्म व शीतकालीन सामग्री का वितरण
By Team Lohardaga live

दूध-बिस्किट परियोजना के तहत लोहरदगा जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के पोषण और शिक्षा को मिल रहा नया आयाम
लोहरदगा। जिला के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत कुंदगड़ी ग्राम तथा लोहरदगा प्रखंड के हेंदलासो ग्राम में शनिवार को जीव दया फाउंडेशन (जेडीएफ) एवं होप के संयुक्त तत्वावधान में जरूरतमंद बच्चों के बीच यूनिफार्म, जैकेट तथा जूता-मोजा का वितरण किया गया। इस अवसर पर कुंदगड़ी ग्राम के 22 तथा हेंदलासो ग्राम के 21 अतिजरूरतमंद बच्चों को सामग्री प्रदान की गई।
यह वितरण ‘दूध-बिस्किट परियोजना’ के अंतर्गत किया गया, जिसकी शुरुआत मार्च 2024 में लोहरदगा जिले में जीव दया फाउंडेशन एवं होप द्वारा की गई थी। यह परियोजना बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य एवं स्कूल पूर्व शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक और सराहनीय पहल मानी जा रही है।
परियोजना के तहत जिले के कुल 125 चिन्हित बच्चों को प्रतिदिन दूध और बिस्किट उपलब्ध कराया जाता है, साथ ही उन्हें स्कूल पूर्व शिक्षा भी दी जाती है। इसके अतिरिक्त समय-समय पर टी-शर्ट, कपड़े, जूता-मोजा, शिक्षण सामग्री से युक्त बैग तथा अति जरूरतमंद परिवारों के बीच सूखा राशन का वितरण भी किया जाता है।
शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में पांच चिन्हित आंगनवाड़ी केंद्रों में से कुंदगड़ी एवं हेंदलासो ग्राम के बच्चों को सामग्री दी गई, जबकि शेष तीन आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों के बीच भी शीघ्र ही यूनिफार्म, जैकेट एवं जूता-मोजा का वितरण किया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए होप संस्था की मैनेजिंग ट्रस्टी मनोरमा एक्का ने कहा कि यह योजना बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इससे बच्चों के मानसिक विकास के साथ-साथ शारीरिक विकास भी हो रहा है तथा कुपोषण की समस्या को दूर करने में भी मदद मिल रही है। उन्होंने बताया कि योजना के संचालन के बाद आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति और ठहराव में पहले की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
इस अवसर पर उन्होंने अभिभावकों से पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर भी चर्चा की और कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास, बेहतर स्वास्थ्य और बेहतर स्कूल पूर्व शिक्षा के लिए अभिभावकों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में होप संस्था से मनोरमा एक्का, उज्जवल कुशवाहा, संध्या उरांव, विष्णु महली तथा अरविंद वर्मा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
