मिलावटी पनीर की तलाश में खाद्य सुरक्षा विभाग का सघन अभियान, कई प्रतिष्ठानों की जांच
By Team orangehindi

उत्सवों के मौसम में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर विभाग सतर्क, संदिग्ध खाद्य सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजे
लोहरदगा। त्योहारी मौसम को देखते हुए मिलावटी, कृत्रिम और एनालॉग पनीर की बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में सघन जांच अभियान शुरू किया है। संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त, झारखंड सरकार, रांची के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत कचहरी मोड़, मैना बगीचा, न्यू रोड, पावरगंज चौक और बक्सीडीपा समेत विभिन्न इलाकों में होटल, रेस्टोरेंट, थोक व खुदरा प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी मोईन अख्तर और विश्वनाथ गगराई के नेतृत्व में टीम ने सेरेंगहातु स्थित मेसर्स सुनैना डेयरी एंड एग्रो का औचक निरीक्षण किया। टीम ने फैक्टरी संचालन की व्यवस्था और संबंधित दस्तावेजों की जांच की। प्रतिष्ठान संचालक को परिसर में नियमित कीट नियंत्रण कराने तथा दूध की दैनिक गुणवत्ता जांच का समुचित अभिलेख संधारित करने का निर्देश दिया गया। गुणवत्ता एवं रासायनिक जांच के लिए दूध, दही, पनीर और खोवा के नमूने वैज्ञानिक तरीके से संग्रहित कर राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला भेजे गए।
बरही स्थित मेसर्स न्यू प्रसाद जनरल स्टोर में खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल किए जाने वाले अवैध रंगों की बिक्री पाई गई। विभागीय टीम ने रंगों के पैकेट जब्त करते हुए भविष्य में ऐसी सामग्री की बिक्री नहीं करने की सख्त हिदायत दी। प्रतिष्ठान से बेसन का नमूना भी जांच के लिए लिया गया। वहीं, मेन रोड बरही स्थित मेसर्स महतो होटल में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
बक्सीडीपा स्थित मेसर्स होटल रेड रॉक से खुले पनीर का नमूना लिया गया। अन्य प्रतिष्ठानों में पनीर की मौके पर ही जांच की गई। जांच के दौरान किसी भी प्रतिष्ठान में कृत्रिम या एनालॉग पनीर की पुष्टि नहीं हुई। विभाग ने कहा कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।