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लोहरदगा में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, डायन-जादू टोना के मामलों की रिपोर्ट तलब

By Team Lohardaga live

Administrative
झारखंड उच्च न्यायालय

लोहरदगा

लोहरदगा में अक्टूबर महीने में जादू-टोना के शक में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या के मामले को झारखंड हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने गुरुवार (23 अक्टूबर 2025) को इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका में बदल दिया। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह तीन सप्ताह के भीतर शपथ-पत्र के माध्यम से डायन प्रथा निवारण अधिनियम, 1999 के तहत पिछले दो वर्षों यानी 2023 से 2025 के बीच दर्ज सभी मामलों का विस्तृत ब्योरा पेश करे। अदालत ने राज्य सरकार से यह भी पूछा है कि इस अवधि में कितने मामले दर्ज हुए, कितनों में दोषसिद्धि हुई, जागरूकता अभियानों की क्या स्थिति रही और प्रशासनिक स्तर पर अब तक क्या कदम उठाए गए।

कोर्ट ने टिप्पणी की कि बच्चा सहित एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या अंधविश्वास और जादू-टोना के नाम पर होना असहनीय और अत्यंत गंभीर बात है। ऐसे मामलों की संख्या और उन पर हुई कार्रवाई का पूरा विवरण अदालत के सामने लाया जाए, ताकि प्रभावी कदम उठाए जा सकें। इस घटना का संज्ञान हाईकोर्ट ने समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर लिया था। इसके बाद अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा था।

मामले की अगली सुनवाई 14 नवंबर 2025 को निर्धारित की गई है। तब तक राज्य सरकार को मांगी गई पूरी रिपोर्ट अदालत में दाखिल करनी होगी। अदालत ने स्पष्ट किया है कि राज्य में अंधविश्वास और डायन प्रथा जैसी कुरीतियों को समाप्त करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।