झामुमो नेता जय प्रकाश शर्मा ने PMLA कोर्ट के फैसले पर जताई आपत्ति
By Team orangehindi

बड़गाईं जमीन मामले को लेकर कहा—सत्य को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं
लोहरदगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेता जय प्रकाश शर्मा ने 30 सितंबर को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) कोर्ट के फैसले को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने फैसले को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कहा कि हेमंत सोरेन के खिलाफ बड़गाईं जमीन मामले में लगाए गए आरोपों को लेकर कई सवाल अब भी बने हुए हैं।
प्रेस को जारी बयान में जय प्रकाश शर्मा ने कहा कि 8.86 एकड़ जमीन के मामले में हेमंत सोरेन को घेरने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि संबंधित जमीन के सरकारी दस्तावेज या रजिस्ट्री डीड में हेमंत सोरेन अथवा उनके परिवार का नाम नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ व्हाट्सऐप चैट और मौखिक बयानों के आधार पर मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
उन्होंने जून 2024 में झारखंड हाईकोर्ट द्वारा हेमंत सोरेन को दी गई जमानत का हवाला देते हुए कहा कि अदालत के आदेश में प्रथमदृष्टया उनके खिलाफ प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं पाए जाने की बात कही गई थी। शर्मा ने कहा कि विपक्ष और केंद्रीय एजेंसियां कितने भी प्रयास कर लें, सत्य को परेशान किया जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं किया जा सकता।
झामुमो नेता ने कहा कि हेमंत सोरेन झारखंड के गरीबों, आदिवासियों और मूलवासियों की आवाज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ने के कारण उन्हें राजनीतिक दबाव और मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी झारखंड के हितों के विपरीत कानून लागू करने की तैयारी का आरोप लगाया।
जय प्रकाश शर्मा ने अंत में कहा कि सत्य की हमेशा जीत होती है और ‘सत्यमेव जयते’ ही अंतिम सत्य है।