महिला कॉलेज में करमा उत्सव की धूम, पारंपरिक गीत-नृत्य से सजी सांस्कृतिक संध्या
By Team orangehindi

प्रकृति संरक्षण, भाई-बहन के प्रेम और सामाजिक समरसता का दिया संदेश
लोहरदगा। एमएलए महिला कॉलेज, लोहरदगा में शनिवार को करमा सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ किया गया। कॉलेज की छात्राओं ने पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य की प्रस्तुति देकर करमा पर्व की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया। कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने भी भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ शिक्षकों का परिछन कर की। लोटा-पानी, तिलक, जावा फूल और अंगवस्त्र भेंट कर शिक्षकों का सम्मान किया गया। इसके बाद मांदर और नगाड़े की थाप पर छात्राओं ने पारंपरिक गीतों के साथ नृत्य प्रस्तुत किया। परिसर में देर तक करमा गीतों की गूंज सुनाई देती रही।
कॉलेज के प्राचार्य स्नेह कुमार ने छात्राओं को करमा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि करमा भाई-बहन के प्रेम और आपसी संबंधों की मजबूती का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भी संदेश देता है। कृषि, प्रकृति और मेहनत से जुड़े इस पर्व में समृद्धि एवं अच्छी फसल की कामना की जाती है। उन्होंने कहा कि करमा पर्व सामाजिक मेल-जोल और मित्रता को भी मजबूत करता है।
उत्सव की विशेषता रही कि विभिन्न जाति, धर्म और वर्ग की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इससे झारखंड की सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिली। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखने के लिए अन्य शिक्षण संस्थानों की छात्राएं भी बड़ी संख्या में कॉलेज परिसर पहुंचीं। कार्यक्रम में प्राचार्य स्नेह कुमार सहित सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी उपस्थित रहे।