लोहरदगा डंपिंग यार्ड में मजदूर की मौत, 24 घंटे बाद भी शव नहीं उठाया गया
By Team Lohardaga live

मुआवजा व सुविधाओं को लेकर विवाद, इंटक ने जताई नाराजगी; प्रशासन ने जांच के संकेत दिए
लोहरदगा स्थित एक डंपिंग यार्ड में कार्य के दौरान एक मजदूर, बिंदेश्वर लोहरा, की मृत्यु होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद श्रमिकों और यूनियन की ओर से मुआवजा एवं कार्यस्थल की सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) के जिला अध्यक्ष आलोक कुमार साहू ने घटनास्थल का दौरा कर मृतक को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी शव को घटनास्थल से नहीं उठाया गया है और न ही मृतक के परिवार को मुआवजा देने की दिशा में अपेक्षित पहल की गई है।
मौके पर मौजूद कुछ मजदूरों ने दावा किया कि डंपिंग यार्ड में बुनियादी सुविधाओं, जैसे शेड, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा उपकरण (हेलमेट, चश्मा) और शौचालय आदि का अभाव है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
इंटक अध्यक्ष ने प्रशासनिक अधिकारियों जिनमें उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी और श्रम विभाग से संपर्क कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि श्रमिकों के हितों की अनदेखी होती है तो यूनियन आगे आवश्यक कदम उठा सकती है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पक्षों से जानकारी ली जा रही है।
कंपनी की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी है।
मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और श्रमिक भी उपस्थित थे। मामले की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है।
