लोहरदगा उपायुक्त की अनूठी पहल “पंचायत कर गोईठ” से अब पंचायतों की समस्याओं का हो रहा त्वरित समाधान
By Team Lohardaga live

लोहरदगा जिले के उपायुक्त डॉ. कुमार ताराचंद इन दिनों अपनी अनूठी पहल “पंचायत कर गोईठ” कार्यक्रम को लेकर सुर्खियों में हैं। जिला प्रशासन की इस अभिनव पहल का उद्देश्य है पंचायत स्तर की समस्याओं को सीधे उपायुक्त तक पहुँचाना और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना।
इस कार्यक्रम के तहत हर सोमवार को जिले के सभी पंचायतों के मुखिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्त सहित प्रखंड एवं जिला स्तर के अधिकारियों से सीधे जुड़ते हैं। बैठक में प्रत्येक पंचायत की समस्याओं, योजनाओं की स्थिति और स्थानीय आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा की जाती है। उपायुक्त स्वयं संबंधित विभागों से जानकारी लेकर मौके पर ही आवश्यक निर्देश जारी करते हैं, जिससे समस्याओं का समाधान तुरंत हो पा रहा है।
मुखिया वर्ग इस पहल से काफी उत्साहित हैं। उनका कहना है कि पहले उन्हें केवल बीडीओ या सीओ स्तर तक ही अपनी बात रखनी पड़ती थी, लेकिन अब सीधे उपायुक्त से संवाद का अवसर मिल रहा है। इससे न केवल समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई हो रही है बल्कि प्रशासन पर लोगों का भरोसा भी बढ़ा है।
उपायुक्त डॉ. कुमार ताराचंद ने बताया कि पंचायत कर गोईठ के माध्यम से नल-जल योजना, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, साफ-सफाई, आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति जैसी सभी महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की जाती है। समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई करने के साथ-साथ यह भी देखा जाता है कि योजनाओं का लाभ सही तरीके से जनता तक पहुँचे।
उन्होंने आगे कहा कि इस कार्यक्रम का एक बड़ा उद्देश्य ग्रामीण समाज में जागरूकता फैलाना भी है। डायन-बिसाही, बाल विवाह, शिक्षा, स्वच्छता जैसी सामाजिक कुरीतियों और मुद्दों पर मुखियाओं को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
उदरंगी पंचायत के मुखिया परमेश्वर महली ने कहा कि पहले हमें अपनी समस्याएँ प्रखंड स्तर तक ही रखनी पड़ती थीं, अब सीधे उपायुक्त से संवाद हो रहा है और समस्याओं का तुरंत समाधान मिल रहा है।
वहीं नावाडीह पंचायत मुखिया मीना कुमारी ने बताया कि
इस पहल से प्रशासन और जनता के बीच की दूरी घटी है। योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई है और लोगों का भरोसा बढ़ा है।
जिले में पंचायत कर गोईठ कार्यक्रम को एक सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल सरकारी योजनाओं का धरातल पर बेहतर कार्यान्वयन हो रहा है बल्कि लोकतंत्र की वास्तविक भावना,जनभागीदारी और पारदर्शिता को भी सशक्त किया जा रहा है।
