घने कुहासे और कड़ाके की ठंड से लोहरदगा बेहाल, जनजीवन अस्त-व्यस्त
By Team Lohardaga live

न्यूनतम तापमान 6 डिग्री तक लुढ़का, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट, अलाव की व्यवस्था पर उठे सवाल

लोहरदगा। जिला इन दिनों घने कुहासे और कड़ाके की ठंड की चपेट में है। सुबह से ही पूरे जिले में ऐसा घना कोहरा छाया रहा कि सड़कें मानो धुंध की चादर में लिपट गई हों। शीतलहर के इस प्रकोप ने आम जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। कुहासे के कारण ठंड में इजाफा हुआ है और तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। जिले का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड किया गया है।
मौसम विभाग ने ठंड और कुहासे को देखते हुए जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कोहरे की वजह से लोग घरों से निकलने में हिचक रहे हैं, वहीं जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग ठंड से कांपते नजर आ रहे हैं। सुबह के समय हालात और भी गंभीर हो जाते हैं, जब दृश्यता बेहद कम हो जाती है और कुछ ही मीटर की दूरी पर कुछ दिखाई नहीं देता। ऐसे में सड़कों पर चलना जोखिम भरा हो गया है।
कोहरे का सीधा असर यातायात व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। वाहन रेंगते हुए चल रहे हैं और चालक फॉग लाइट के सहारे किसी तरह रास्ता तय कर रहे हैं। इन परिस्थितियों में किसी भी समय दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।
ठंड से राहत पाने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं, लेकिन यहीं पर नगर परिषद की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर के चौक-चौराहों, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर दिहाड़ी मजदूर, बुजुर्ग और दूर-दराज से आने वाले राहगीरों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जिन्हें सुबह-सुबह खुले में खड़े होकर ठंड से जूझना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद हर साल ठंड के मौसम में तैयारियों के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। इस बार भी शीतलहर शुरू होने के बावजूद अलाव की व्यवस्था न के बराबर नजर आ रही है, जिससे आम लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
