लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत का केंद्र सरकार पर हमला, कहा- लाठीचार्ज पर तय हो जवाबदेही
By Team orange hindi

गृहमंत्री अमित शाह सदन में आकर दें जवाब, छात्रों से माफी की मांग
लोहरदगा। संसद परिसर में विपक्षी सांसदों के विरोध प्रदर्शन और छात्र आंदोलन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। लोहरदगा के कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है।
मीडिया से बातचीत में सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि संसद के भीतर और बाहर विपक्षी सांसद लगातार केंद्रीय गृह मंत्री से सदन में उपस्थित होकर जवाब देने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद के माध्यम से देश को जवाब दे।
सांसद ने कहा कि यदि सरकार का पक्ष स्पष्ट है तो उसे सदन में आकर पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की गई और कथित तौर पर लाठीचार्ज तथा पेलेट गन के इस्तेमाल की बात सामने आई है। उन्होंने छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की।
सुखदेव भगत ने कहा कि दिल्ली की कानून-व्यवस्था केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है। ऐसे में छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के साथ गलत व्यवहार हुआ है तो सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए उनसे माफी मांगनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की ओर से अपेक्षित जवाब नहीं आया है। उन्होंने कहा कि सरकार की चुप्पी से छात्रों और आम जनता के बीच असंतोष बढ़ रहा है। विपक्ष छात्रों के साथ खड़ा है और इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग करता रहेगा।
सुखदेव भगत ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले लोगों की बात सुनना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाए और पूरे मामले पर संसद में स्पष्ट जवाब दिया जाए।
उन्होंने कहा कि जब तक सरकार इस पूरे घटनाक्रम पर जवाब नहीं देती और जवाबदेही तय नहीं करती, तब तक विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा।