लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र पर साधा निशाना, बोले- जवाबदेही से नहीं बच सकती मोदी सरकार
By Team orange hindi

संसद परिसर में इंडिया गठबंधन का विरोध मार्च, छात्रों पर कार्रवाई और राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर उठे सवाल
लोहरदगा। छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर निर्माण के नाम पर जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर बुधवार को संसद परिसर में इंडिया गठबंधन के सांसदों ने विरोध-प्रदर्शन किया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी के नेतृत्व में निकाले गए विरोध मार्च में लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत भी शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और हाथों में विभिन्न मांगों से जुड़ी तख्तियां लेकर संसद परिसर में मार्च किया। इस दौरान ‘अमित शाह देश को जवाब दो’ और ‘अमित शाह जवाब दो’ जैसे नारे लगाए गए। विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई में जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया। प्रदर्शनकारियों ने छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया।
राम मंदिर चंदे में पारदर्शिता की मांग
विरोध-प्रदर्शन के दौरान राम मंदिर निर्माण के नाम पर एकत्र किए गए चंदे में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया गया। विपक्षी सांसदों ने मामले की निष्पक्ष जांच और पूरे मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
सुखदेव भगत बोले- सरकार को सदन में देना चाहिए जवाब
प्रदर्शन में शामिल सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार महत्वपूर्ण जनसरोकार के मुद्दों पर जवाबदेही से नहीं बच सकती। उन्होंने कहा कि छात्रों से जुड़े मामले में सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और उनके सवालों का जवाब देना चाहिए।
सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सदन में उपस्थित होकर विपक्ष और देश के सामने उठाए जा रहे सवालों का जवाब देना चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार की जवाबदेही महत्वपूर्ण है और गंभीर मुद्दों पर चर्चा से बचना उचित नहीं है।
विपक्ष ने कहा- मुद्दों पर सरकार से जवाब की मांग जारी रहेगी
इंडिया गठबंधन के सांसदों ने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों और अन्य गंभीर जनसरोकार के विषयों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। इसी मांग को लेकर संसद परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया गया। विपक्षी सांसदों ने कहा कि जब तक इन मुद्दों पर सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिलता, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।