बोधघाट बांध से 50 से अधिक गांवों पर विस्थापन का खतरा : सुखदेव भगत
By Team orangehindi

हितालकुडुम-सातधार में प्रस्तावित निर्माण स्थल का निरीक्षण, बोले- आदिवासियों की जमीन छीनकर किसका विकास?
बस्तर/ लोहरदगा । बोधघाट बांध परियोजना को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के छत्तीसगढ़ प्रभारी एवं लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने भाजपा सरकार पर विकास के नाम पर आदिवासी परिवारों को विस्थापित करने की तैयारी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की पुश्तैनी जमीन और उनके आशियाने छीनकर आखिर किसका विकास किया जा रहा है?
सुखदेव भगत ने हितालकुडुम और सातधार पहुंचकर प्रस्तावित बांध निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित आदिवासी परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि परियोजना के कारण उनके गांव, पुश्तैनी जमीन और पारंपरिक स्थलों के डूब क्षेत्र में आने की आशंका है। उन्होंने ग्रामसभा की सहमति और स्पष्ट पुनर्वास नीति के बिना सर्वेक्षण किए जाने पर भी चिंता जताई।
भगत ने कहा कि परियोजना से 50 से अधिक गांवों के प्रभावित होने और हजारों परिवारों के विस्थापन की आशंका है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि आदिवासियों को उनकी जमीन और घरों से बेदखल करने के पीछे विकास का कौन-सा मॉडल है। उन्होंने आरोप लगाया कि जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।
सांसद ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं और मांगों को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस उनके साथ खड़ी रहेगी।
दौरे के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, सह प्रभारी जरिता लैफतलांग, मरकाम सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।