एकलव्य विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पर सांसद ने जताई चिंता
By Team orange hindi

किस्को विद्यालय में 25 स्वीकृत पदों के बावजूद एक भी शिक्षक पदस्थापित नहीं, स्थानीय कर्मचारियों की बहाली का निर्देश


लोहरदगा। ग्रामीणों की शिकायत पर लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने बुधवार को किस्को स्थित एकलव्य विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय में शिक्षकों की कमी, नामांकन और कर्मचारियों से जुड़े मामलों की जानकारी ली और व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।
विद्यालय के प्राचार्य ने सांसद को बताया कि किस्को एकलव्य विद्यालय में शिक्षकों के 25 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में एक भी शिक्षक पदस्थापित नहीं है। वहीं पेसरार एकलव्य विद्यालय में 25 स्वीकृत पदों के मुकाबले छह शिक्षक कार्यरत हैं। सांसद के अनुसार यही शिक्षक दोनों विद्यालयों के विद्यार्थियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
नामांकन की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया गया कि किस्को में 240 स्वीकृत सीटों के मुकाबले 111 और पेसरार में 240 सीटों के मुकाबले 184 विद्यार्थियों का नामांकन है। विद्यालय में पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से कुछ विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं प्रभावित होने की बात भी सामने आई।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने चार स्थानीय चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को हटाए जाने की शिकायत सांसद से की। सांसद ने मामले की जानकारी लेते हुए प्राचार्य को सोमया देवी, शकुंतला, नीलमणि उरांव और वीरेंद्र उरांव की नियुक्ति से संबंधित प्रकरण की नियमानुसार जांच कराने और पात्रता व नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
सांसद ने कहा कि एकलव्य विद्यालयों में बड़ी संख्या में आदिवासी विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करते हैं। शिक्षकों की कमी का सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ सकता है। उन्होंने शिक्षकों की नियुक्ति सहित विद्यालय की अन्य समस्याओं को संबंधित स्तर पर उठाने की बात कही।
उन्होंने कहा कि वे केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम से मिलकर एकलव्य विद्यालयों की समस्याओं से अवगत कराएंगे। साथ ही जिले के सभी एकलव्य विद्यालयों की समीक्षा कर शिक्षकों, आधारभूत सुविधाओं, नामांकन और कर्मचारियों से जुड़े मामलों के समाधान के लिए पहल की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान आलोक साहू, दयानंद उरांव, मोहम्मद कुद्दुस अंसारी, सोहराय, अंजू देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।