पेपर लीक मामले पर सांसद सुखदेव भगत का भाजपा पर हमला, बोले—त्यागपत्र के बाद भी नारेबाजी दुर्भाग्यपूर्ण
By Team orange hindi

प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की चुप्पी पर उठाए सवाल, कहा—छात्रों की पीड़ा और भविष्य को गंभीरता से ले सरकार
लोहरदगा। पेपर लीक विवाद और छात्रों की समस्याओं को लेकर लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इतने गंभीर मुद्दे पर सरकार को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ सामने आना चाहिए।
सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि एक ओर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत छात्रों के साथ संवाद कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की ओर से इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आ रही है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बयानों पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं को समझने के बजाय उन्हें गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
छात्रों की मानसिक परेशानी का मुद्दा उठाया
सांसद ने कहा कि पेपर लीक या परीक्षा संबंधी विवाद का सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन विद्यार्थियों को परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी के कारण मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है और जिनका समय एवं तैयारी प्रभावित होती है, उनकी चिंता सरकार के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।
सुखदेव भगत ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें पेपर लीक जैसी घटनाओं की गुंजाइश न रहे, परीक्षाएं निष्पक्ष तरीके से आयोजित हों और किसी भी छात्र का साल बर्बाद न हो।
त्यागपत्र के बाद नारेबाजी पर भी साधा निशाना
भाजपा पर निशाना साधते हुए सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि त्यागपत्र देने के बाद सदन में पहुंचने पर भी पार्टी के समर्थन में नारे लगाए जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसी राजनीतिक प्रवृत्ति से परीक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलाव और पारदर्शिता सुनिश्चित करना मुश्किल होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की पूरी टीम छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है। सांसद ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए और परीक्षा प्रणाली में ऐसी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए, जिससे छात्रों का भरोसा बना रहे।
सुखदेव भगत ने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान केवल बयानबाजी से नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने, पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने और परीक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधार करने से होगा।