जितिया जतरा में थिरके सांसद सुखदेव भगत, संस्कृति संरक्षण का दिया संदेश
By Team orangehindi


में जुटे दर्जनों खोड़हा दल, सांसद ने मांदर की थाप पर किया सामूहिक नृत्य; सरना धर्म कोड की मांग संसद में उठाने की बात कही
लोहरदगा। जितिया पर्व के अवसर पर किस्को प्रखंड के नीनी गांव में सोमवार को पारंपरिक आदिवासी जतरा का भव्य आयोजन किया गया। जतरा में विभिन्न क्षेत्रों से आए दर्जनों खोड़हा दलों ने पारंपरिक नृत्य और संगीत की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लोहरदगा सांसद सह छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत शामिल हुए।
जतरा स्थल पहुंचने पर आयोजन समिति ने मांदर, ढोल-नगाड़ों की थाप और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ सांसद का स्वागत किया। इसके बाद सांसद सुखदेव भगत खोड़हा दलों के बीच पहुंचे और मांदर की थाप पर उनके साथ सामूहिक नृत्य में शामिल हुए। सांसद को अपने बीच नृत्य करते देख ग्रामीणों में खासा उत्साह नजर आया।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सुखदेव भगत ने कहा कि जितिया पर्व पर आयोजित जतरा केवल मेला नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, रीति-रिवाज और पूर्वजों की विरासत को सहेजने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना जरूरी है, तभी समाज की सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रहेगी। जतरा आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करने का भी अवसर है।
उन्होंने कहा कि सरना धर्म कोड का मुद्दा वे संसद में प्रमुखता से उठा चुके हैं और आगे भी इसके लिए आवाज बुलंद करते रहेंगे।
जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव ने कहा कि पूर्वजों से मिली सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सरना धर्म कोड के मुद्दे पर सांसद के प्रयासों का समर्थन किया।
इस अवसर पर सांसद ने जतरा में शामिल सभी खोड़हा दलों को अपनी ओर से पारितोषिक देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष अनुपमा भगत, संदीप गुप्ता, आलोक कुमार साहू, दयानंद उरांव, शनिचरवा उरांव, शाहिद अहमद बेलू, विकास शाहदेव, कुड्डूस अंसारी सहित उप प्रमुख, मुखिया, पाहन-पुजार, बेल, दीवान और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।