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सांसद ने कार्तिक उरांव के प्रतिमा का किया अनावरण

By Team Lohardaga Live

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कार्तिक उरांव की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते सांसद सुखदेव भगत
उद्घाटन करते सांसद

लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत ने गंगूपाड़ा ग्राम में स्वर्गीय कार्तिक उरांव की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वर्गीय कार्तिक उरांव को आदिवासियों के मसीहा के रूप में पूजा जाता है, जिन्होंने पूरे देश में आदिवासियों को एक सूत्र में बांधने का काम किया था।

कार्तिक उरांव ने आदिवासी, शोषित और वंचित वर्ग की जिंदगी में बदलाव लाने के लिए कार्य किया। उन्होंने शिक्षा पर विशेष जोर दिया, क्योंकि उनका मानना था कि समाज को शिक्षित बनाने से ही विकास और समृद्धि की कल्पना की जा सकती है। उनके अनुसार, शिक्षा ही सामाजिक बदलाव का हथियार है।

सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि स्वर्गीय कार्तिक उरांव का जीवन आदिवासी समाज के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और उनके उत्थान के लिए काम किया। सांसद ने कहा कि आज भी उनके आदर्श और विचार हमें प्रेरित करते हैं और हमें उनके दिखाए रास्ते पर चलने की जरूरत है।

कार्तिक उरांव का जन्म 29 अक्टूबर, 1924 को झारखंड के गुमला जिले में हुआ था। वह तीन बार लोकसभा के सांसद और एक बार विधानसभा के सदस्य चुने गए। उन्होंने आदिवासियों की जमीन लुटने से बचाने के लिए सबसे पहला आंदोलन किया था। उनके परिवार ने भी राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, उनकी पत्नी सुमति उरांव सांसद बनीं और उनकी बेटी गीताश्री उरांव झारखंड विधानसभा की विधायक और शिक्षा मंत्री बनीं।

इस अवसर पर सांसद सुखदेव भगत ने स्वर्गीय कार्तिक उरांव के आदर्शों और उनके कार्यों को याद किया और कहा कि उनके दिखाए रास्ते पर चलकर ही समाज का विकास संभव है। उन्होंने कहा कि हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की जरूरत है और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए काम करना चाहिए।