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विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत मिथ बनाम तथ्य सत्र आयोजित, महिलाओं ने सीखी सही स्तनपान की जानकारी

By Team orange hindi

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 विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत मिथ बनाम तथ्य सत्र आयोजित, महिलाओं ने सीखी सही स्तनपान की जानकारी

माँ का दूध ही शिशु का सर्वोत्तम आहार

लोहरदगा। विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर हिंडाल्को सीएसआर एवं पीसीआई इंडिया के सहयोग से संचालित बिटिया प्रोजेक्ट के तहत चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के क्रम में 4 अगस्त को लोहरदगा सदर एवं किस्को प्रखंड के विभिन्न गांवों और आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘मिथ बनाम तथ्य’ विषय पर विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं समुदाय की महिलाओं को स्तनपान से जुड़ी प्रचलित भ्रांतियों और उनके वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी दी गई।

सत्र के दौरान महिलाओं को बताया गया कि जन्म के एक घंटे के भीतर शिशु को स्तनपान कराना क्यों महत्वपूर्ण है तथा छह माह तक केवल मां का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार क्यों माना जाता है। इसके बाद शिशु को पूरक आहार कब और किस प्रकार देना चाहिए, इसकी भी जानकारी दी गई। महिलाओं को स्तनपान कराने की सही विधि, मां के उचित खान-पान, आवश्यक सावधानियों और स्तनपान से जुड़ी गलत धारणाओं से बचने के बारे में विस्तार से बताया गया।

लोहरदगा सदर प्रखंड की जोरी पंचायत स्थित कुटमू आंगनवाड़ी केंद्र तथा हरमू पंचायत के हरमू नीचे टोली आंगनवाड़ी केंद्र में जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। वहीं किस्को प्रखंड में खरकी पंचायत के सेमरडीह स्थित बिरहोर कॉलोनी आंगनवाड़ी केंद्र, कोचा गांव के कुंभा टोली आंगनवाड़ी केंद्र, बगरू पंचायत के बांडी बगरू आंगनवाड़ी केंद्र, देवदरिया पंचायत के जोबांग आंगनवाड़ी केंद्र, हिसरी पंचायत के जोगियारा आंगनवाड़ी केंद्र, पाखर पंचायत के तिसिया आंगनवाड़ी केंद्र, बेटहट पंचायत के सतपारा आंगनवाड़ी केंद्र, परहेपाट पंचायत के होंदगा आंगनवाड़ी केंद्र तथा नवाडीह पंचायत के नवाडीह-3 आंगनवाड़ी केंद्र में भी सफलतापूर्वक जागरूकता सत्र आयोजित किए गए।

सभी स्थानों पर समुदाय की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कई स्थानों पर शिक्षकों ने भी सत्र में शामिल होकर अभियान को समर्थन दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों से फीडबैक एवं एग्जिट इंटरव्यू लिया गया। महिलाओं ने बताया कि जागरूकता सत्र के माध्यम से उन्हें स्तनपान, गर्भावस्था और नवजात शिशु की देखभाल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं। विशेष रूप से पहली बार गर्भवती महिलाओं ने बताया कि सत्र के दौरान उनकी कई भ्रांतियां दूर हुईं और उन्हें गर्भावस्था तथा बच्चे के जन्म के बाद बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों की बेहतर जानकारी मिली।

अभियान के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर समुदाय में सही जानकारी और सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं को यह संदेश दिया गया कि मां का दूध नवजात शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार है और सही जानकारी के साथ स्तनपान को बढ़ावा देकर शिशु के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण को सुनिश्चित किया जा सकता है।

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