शिक्षा से ही राष्ट्र निर्माण संभव, शिक्षा के बल पर ही हम बन सकते हैं विश्वगुरु : डॉ. ताराचंद
By Teem Lohardaga live

जिला स्तरीय मुखिया सम्मेलन में उपायुक्त ने कही महत्वपूर्ण बातें
लोहरदगा। लोक भागीदारी अंतर्गत जिला स्तरीय मुखिया सम्मेलन का आयोजन शनिवार को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट नदिया हिन्दू उच्च विद्यालय में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त डॉ. ताराचंद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि शिक्षा ही वह साधन है, जिसके बल पर हम विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर हो सकते हैं। समाज में मौजूद अंधविश्वास, कुरीतियां और विभिन्न सामाजिक विकृतियां केवल शिक्षा से ही दूर की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्राप्त करने के बाद अवसरों के नए द्वार खुलते हैं और व्यक्ति के विकास का मार्ग प्रशस्त होता है।
उपायुक्त ने बताया कि जिले की सभी 66 पंचायतों में शिक्षा समिति का गठन किया गया है और मुखियाओं के साथ नियमित संवाद स्थापित किया जा रहा है। शिक्षा के प्रति जागरूक मुखियाजनों की सक्रियता से पंचायत स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।
विकास के लिए सभी की सहभागिता अनिवार्य
उपायुक्त ने कहा कि समाज के संपूर्ण विकास के लिए हर व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि हम अपनी प्राथमिकताओं में शिक्षा को सर्वोपरि स्थान दें, तो हमें विकसित होने से कोई नहीं रोक सकता।
शिक्षा के प्रसार में योगदान देने वाले मुखियाजनों को सम्मान
कार्यक्रम में उन मुखियाजनों को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपने पंचायतों में बच्चों को विद्यालय भेजने एवं अभिभावकों को शिक्षा का महत्व समझाने में सराहनीय भूमिका निभाई। सम्मानित होने वालों में मसमानो पंचायत की ममता कुमारी, गजनी पंचायत की सुमन कुमारी, बेटहट पंचायत के राजकिशोर उरांव, टाटी पंचायत की राजमनी देवी, बाघा पंचायत की फुलमनी कुमारी, तुईमु पंचायत की कमला देवी और डारु पंचायत के दिलीप कुमार उरांव शामिल रहे। सभी को स्मृति-चिह्न और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 की विस्तृत जानकारी दी गई तथा उपायुक्त द्वारा मुखियाजनों को शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम में आइटीडीए परियोजना निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग, अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी अंजना दास, जिला शिक्षा पदाधिकारी दास सुनंदा चंद्रमौलेश्वर, जिला शिक्षा अधीक्षक अभिजीत कुमार, एडीपीओ मोनादीपा बनर्जी, एपीओ एमलीन सुरीन, एपीओ सपना सिंह, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, पंचायतों के मुखियाजन एवं बाल संसद के सदस्य उपस्थित थे।
